उन्नाव। कल्याणी के कल्याण के लिए जिला प्रशासन ने नए सिरे से तैयारी शुरू की है। इस बार मनरेगा श्रमिकों के साथ मशीनों से भी नदी की खुदाई कराई जाएगी। इसके लिए 40 करोड़ का प्रस्ताव तैयार हुआ है, जिले जल्द शासन को भेजा जाएगा।
पूर्व में सिर्फ मनरेगा श्रमिकों से ही खुदाई की कार्ययोजना तैयार कराई गई थी। मनरेगा के जरिए काम भी शुरू हुआ था। हालांकि कई गांवों में नदी के खोदाई स्थल की भूमि काफी सख्त होने से श्रमिकों ने खुदाई से इन्कार कर दिया था। मनरेगा से मशीन से खुदाई की अनुमति नहीं है। सिंचाई सहित अन्य विभागों से भी नदी खुदाई के लिए कोई बजट न मिलने से काम अधर में लटक गया था। इसकी जानकारी होने पर डीएम गौरांग राठी ने नए सिरे से नदी के जीर्णोद्धार के लिए खुदाई सहित अन्य बिंदुओं पर अधिकारियों से चर्चा के बाद प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्देश दिए थे।
नदी को पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए गहरी खुदाई के साथ किनारे पौधरोपण सहित अन्य कार्य कराने की सहमति बनी। इस कार्य को मनरेगा श्रमिकों के जरिए कराना संभव नहीं था। जिस पर मशीनों से काम कराने की कार्ययोजना तैयार हुई। सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि पूर्व की कार्ययोजना जो बनाई गई थी, वह केवल मनरेगा पर ही निर्भर थी।
मनरेगा में पर्याप्त बजट न होने से हर बार कार्य अधर में लटक जाता था। इसलिए इस बार जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसमें मनरेगा के अलावा शासन से भी मदद लेने की तैयारी की गई है। जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजकर बजट की मांग की जाएगी। वहीं मनरेगा से जो कार्य कराए जाने हैं, वह जल्द ही शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
तीनस्तरों पर होंगे सफाई कार्य
- पहले चरण में नदी की सफाई, करीब नौ लाख क्यूबिक सिल्ट निकाली जाएगी।
- दूसरे चरण में नदी में गिरने वाले नालों की कराई जाएगी सफाई।
- तीसरे चरण में नदी के किनारे स्थित तालाबों की होगी सफाई।
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कल्याणी नदी पर एक नजर
- हरदोई के माधौगंज से निकलने वाली गंगा की प्रमुख सहायक नदियों में एक है।
- गंजमुरादाबाद, बांगरमऊ, फतेहपुर चौरासी, सफीपुर व सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक के लगभग 32 गांवों से नदी निकली है।
- नदी की जिले में कुल लंबाई 68 किलोमीटर है, करीब 11 गांवों में नदी की जमीन पर मिला अतिक्रमण, हो रही है खेती।