उन्नाव। एनजीटी के आदेश पर सीईटीपी दही चौकी व बंथर से जुड़ी 41 टेनरियों को बंद करा दिया गया है। एनजीटी ने सीईटीपी अपग्रेड न होने तक टेनरियों में उत्पादन पर रोक लगा दी है। उत्पादन जल्द शुरू करने के लिए टेनरी संचालक 4 करोड़ खर्च कर दोनों सीईटीपी में नई मशीनें लगवा रहे हैं। इस प्रक्रिया से उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। जिसके तहत अब वह नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) से खर्च के लिए क्लेम करने की तैयारी कर रहे हैं।
एनजीटी ने वर्ष 2017 में सीईटीपी दही चौकी व बंथर को अनफिट करार देते हुए उन्हें अपग्रेड करने के निर्देश दिए थे। सीईटीपी को अपग्रेड करने में लगभग दो सौ करोड़ का खर्च आना था। इसमें 25 प्रतिशत चर्म कारोबारियों व 75 प्रतिशत एनएमसीजी को वहन करना था। एनजीटी के आदेश पर अपग्रेडेशन की डीपीआर भी तैयार कर ली गई थी। हालांकि दो साल में अब तक काम फाइलों से आगे नहीं बढ़ सका। इस बीच प्रदूषण को लेकर कई बार टेनरियों को बंद जरूर करा दिया गया।
हाल ही में सीपीसीबी की जांच में प्रदूषण का स्तर अधिक मिलने पर एनजीटी ने सीईटीपी से जुड़ी 41 टेनरियों को बंद करा दिया गया है। एनजीटी ने प्रदूषण का स्तर मानक के अनुरूप न आने तक संचालन बंद रखने को कहा है। ऐसे में सीईटीपी प्रबंधतंत्र चर्म कारोबारियों की मदद से सीईटीपी में चार करोड़ की लागत से नई मशीनें लगवा रहा है। चर्म कारेाबारियों का कहना है कि अगर सीईटीपी अपग्रेड हो गई होती तो उन्हें यह रकम न खर्च करनी पड़ती। ऐसे में अब वह नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा विभाग से सीईटीपी पर खर्च किए जा रही रकम को क्लेम करेंगे। इसके अलावा अपग्रेडेशन के लिए तैयार कराई गई डीपीआर में खर्च हुई रकम को भी क्लेम किया जाएगा।
दस दिन में पूरा होगा काम
बंथर सीईटीपी में जेट एसपीरेटर, ब्लोअर, सरफेस एसपीरेटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। सीईटीपी प्रबंधतंत्र का दावा है कि दस दिन के अंदर सभी मशीनों को लगवा लिया जाएगा। जिसके बाद सीपीसीबी को पत्र भेजा जाएगा। सीपीसीबी सीईटीपी की जांच कर रिपोर्ट एनजीटी को देगी। जिसके बाद टेनरियां खुल सकेगी।