पुरवा। फसल काटते समय हालत बिगड़ने से पूर्व सैनिक की मौत हो गई। परिजन कम उपज होने और लागत न निकलने के सदमे से मौत होने की बात कह रहे हैं।
सूचना पर तहसीलदार टीम के साथ घटना स्थल पहुंचे। उनके मुताबिक पूर्व सैनिक पिछले चार दिन से फसल काट रहा था। फसल का नुकसान मौत की वजह नहीं है। उन्होंने माना कि फसल को बीस से पच्चीस फीसदी नुकसान हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पुरवा तहसील व कोतवाली क्षेत्र के गांव तूरी छविनाथ निवासी पूर्व सैनिक जगदीश मौर्य (62) शनिवार को अपने बेटे गौरव, बेटी राधिका और वर्षा के साथ खेत में गेहूं की फसल काट रहे थे।
दोपहर को अचानक वृद्ध की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने 108 नंबर पर एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस के न पहुंचने पर परिजनों ने निजी वाहन से वृद्ध को पुरवा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भतीजे इंद्रजीत ने फसल में कम पैदावार होने के सदमे से मौत होने की आशंका जताई। सूचना पर तहसीलदार राजेश चौरसिया, नायब तहसीलदार एके सरोज और लेखपाल प्रमोद कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे औैर मृतक के परिजनों से बात करने के बाद खेत पर गए और फसल का जायजा लिया।
तहसीलदार ने बताया कि मृतक चार दिनों से फसल की कटाई कर रहा था ऐसे में सदमे से मौत होने की बात समझ नहीं आ रही है। उन्होंने बताया कि खेत जाकर फसल भी देखी गई है। पैदावार में बीस से पच्चीस फीसदी नुकसान होने का अनुमान है।