उन्नाव। बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ल को एसोसिएशन की प्राथमिक सदस्यता से निष्काषित कर दिया है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीप नारायण त्रिवेदी ने बताया कि 3 फरवरी को अधिवक्ता मुकेश यादव प्रकरण में बार एसोसिएशन की सहमति के बिना ही पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ल ने एसपी कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। एसपी को दिए ज्ञापन में खुद को अध्यक्ष बार एसोसिएशन बताया था। फेसबुक में भी अध्यक्ष बार एसोसिएशन लिखा था जो गलत है। पूर्व में भी बांगरमऊ निवासी अधिवक्ता अश्वनी शुक्ल प्रकरण में भी सितंबर माह में बार एसोसिएशन से अलग हटकर कचहरी पुल के पास जाम लगाया था। अध्यक्ष ने बताया कि बार एसोसिएशन एक सम्मानित संस्था है। पहले बातचीत के माध्यम से हल निकालने का प्रयास किया जाता है। कार्रवाई न होने पर धरना-प्रदर्शन का निर्णय लिया जाता है। बताया कि अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं है। इसी वजह से सोमवार को निष्कासन की कार्रवाई की गई है।
वहीं, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ल ने इस निर्णय को मॉडल बाइलॉज का उल्लंघन बताया। कहा कि उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने के लिए कार्रवाई की गई है।