अचलगंज (उन्नाव)। भागवत कथा में बांटा गया प्रसाद खाने से पचास से अधिक लोग बीमार हो गए। पहले तो लोग गांव के आसपास के झोलाछाप से इलाज कराते रहे मगर सुधार नहीं हुई। हालत बिगड़ने पर बुधवार रात पैंतीस लोगों को अचलगंज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया है। बीमारों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला अभी जारी है।
अचलगंज थानाक्षेत्र के गांव मनोहरपुर के मजरा जोजापुर में विशुन पाल यादव के यहां मंगलवार को भागवत कथा का थी। बुधवार देर शाम प्रसाद वितरण किया गया था। प्रसाद खाने वालों में कई लोगों की सुबह उल्टी और दस्त शुरू हो गए।
लोगों ने घरेलू नुस्खे किए और कुछ ने गांव के पास के ही एक झोलाछाप से दवा ली। शाम होते-होते बीमार होने वालों की संख्या में अचानक इजाफा होने लगा। पचास से अधिक लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। सूचना पर अचलगंज स्वास्थ्य केंद्र से एंबुलेंस जोजापुर गांव भेजी गई।
ईएमटी ने बीमारों की संख्या और उनकी हालत देख गांव में और एंबुलेंस भेजने की मांग की। इसके बाद चार 108 एंबुलेंस को गांव भेजा गया और बीमार हुए लोगों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। बीमारों का इलाज कर रहे सीएचसी प्रभारी डॉ. केके आदिम ने बताया कि बीमार हुए लोगों में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण हैं।
लोगों ने जो प्रसाद खाया कोई खाद्य सामग्री या दूध खराब रहा हो जिससे बीमारों की हालत बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि सभी बीमारों का इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों की एक टीम को गांव भेजा जा रहा है।
यह लोग हुए बीमार
बीमार हुए लोगों में अधिकांश पांच से पंद्रह वर्ष आयु के हैं। इनमें अंजली, अंकित, राहुल, शिवकुमारी, उनका बेटा पंकज और बेटी मिथिलेश व मीना, हरिनाम सिंह, उनका बेटा अजीत सिंह, रेखा यादव, आकाश यादव, सचिन, फूलमती, शिवदेवी, सरोजनी, शिवानी व उसकी बहन रोशनी, सुरजन, संगीता, सोनू, रानी, शाक्षी, रंजीत, कल्पना, जितेंद्र, अंजली, आंचल और रमेश शामिल हैं। गांव में कई और लोगों के बीमार होने की सूचना पर मरीजों को अस्पताल लाने के लिए रात करीब साढ़े दस बजे दो और एंबुलेंस गांव भेजी गई हैं।
जिला अस्पताल में की गई अतिरिक्त व्यवस्था
उन्नाव। जोजापुर गांव में डायरिया या फूड प्वाइजनिंग से तमाम लोगों के बीमार होने की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ आशीष कुमार ने सीएमएस डॉ एसके चौधरी को सूचना दी। उन्होंने अस्पताल के सभी बेड पहले ही अन्य मरीजों से फुल होने की जानकारी दी। इसपर सीएमएस ने अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कराई। सीएमएस ने बताया कि अगर मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर किया जाता है तो उसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।