पहाड़ी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा तेजी से बढ़ रही है। शनिवार सुबह बैराज के गेट बंद कर दिए जाने से लोगों को जलस्तर घटने की उम्मीद थी। लेकिन इसके बावजूद जलस्तर धीरे-धीरे कर बढ़ता रहा। केंद्रीय जल आयोग गंगाघाट के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 112.140 मीटर रहा। दोपहर 12 बजे 112.160 मीटर पहुंचा और शाम पांच बजे 112.200 मीटर पहुंचा। एसडीएम सदर विनय प्रकाश श्रीवास्तव व तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने शनिवार दोपहर मिश्रा कालोनी बाढ़ केंद्र, कर्बला और हुसैन नगर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लेखपाल को स्थिति पर निगाह रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए बाढ़ राहत केंद्र बना दिए गए है। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
करीब डेढ़ सौ घरों की आबादी पानी से घिरी
कटरी किनारे बसे कर्बला और हुसैन नगर के तटीय क्षेत्रों में पानी भर जाने से करीब डेढ़ सौ घरों की आबादी गंगा के पानी से घिर गई है। गलियों में पानी भर गया है। जिससे आवागमन ठप हो गया है। लोग घर के जरूरी कार्य निपटाने के लिए नावों का सहारा ले रहा है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि करीब एक दर्जन परिवार ऐसे है जो घर पर ताला डालकर रिश्तेदारों के यहां चले गए है। यहां बसे लोग छतों पर रात गुजारने को मजबूर है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक यदि नरौरा या फि र पहाड़ी क्षेत्रों से और पानी छोड़ा गया तो समस्या बढ़ सकती है।
खतरे के निशान का इंतजार कर रहा प्रशासन
कर्बला और हुसैन नगर में आबादी में घुसे पानी के बारे में जब एसडीएम से पूछा गया तो वह बोले की अभी तो गंगा ने चेतावनी बिंदु क्रास किया है। खतरे के निशान को पार कर जाने दो उसके बाद सोचा जाएगा कि लोगों की क्या करना है। कर्बला और हुसैन नगर में पानी घुस जाने से गलियों में लगे कुछ विद्युत पोल भी गंगा के पानी से घिर गए है। जिनके ऊपर से एलटी लाइन गुजर रही है। लोगों को भय सता रहा है कि कहीं किसी रोज उसमें करंट न उतर आए जिससे बड़ा हादसा हो जाए। लोगों ने बताया कि यदि बिजली विभाग पोल से गुजर रहे तारों के नीचे सेफ्टी जाल बिछा दे तो कम से कम तार टूटने पर पानी में करंट तो नहीं उतरेगा।