दो माह पहले सोहरामऊ थानाक्षेत्र के टोलप्लाजा के निकट एक्सिस बैंक की कैशवैन को लूटने का प्रयास करने के मामले में पांच अंतरजनपदीय बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस की कहानी पर यदि यकीन करें तो शनिवार रात सोहरामऊ थानाक्षेत्र में लूट की किसी घटना को अंजाम देने के इरादे से लुटेरे खड़े थे। पुलिस को देख लुटेरे फायरिंग करते हुए भागे तो उन्हें घेराबंदी करके पकड़ा गया। दो बदमाश भाग भी निकले। वहीं आसपास के ग्रामीणों ने फायरिंग की आवाज न सुनने की बात कहकर पुलिस के खुलासे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मानें तो तीन दिन पहले लुटेरों को पुलिस ने उनके घर से उठाया था।
13 अप्रैल को एक्सिस बैंक की वैन 53 लाख रुपये कैश लेकर लखनऊ जा रही थी। नवाबगंज टोल प्लाजा के निकट बोलेरो सवार लुटेरों ने वैन को लूटने का प्रयास किया था। वैन में सवार सिक्योरिटी गार्डों की जवाबी फायरिंग और तत्काल पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) के पहुंचने सेे लुटेरे भाग निकले थे। वैन के कस्टोडियन लवलेश बाजपेई ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के खुलासे में स्वाट टीम के साथ ही थाना पुलिस को लगाया गया था।
रविवार को पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस कर एसपी हरीश कुमार ने घटना को अंजाम देने वाले लुटेरों पेश किया। एसपी के मुताबिक, मुखबिर द्वारा एक बोलेरो में सवार हथियारों से लैस बदमाशों के किसी घटना को अंजाम देने की सूचना पर स्वाट टीम ने पुरवा से सोहरामऊ आने वाले चौराहे पर वाहन को रोकने का प्रयास किया तो उसमें सवार बदमाश फायरिंग करते हुए हिनौरा मोड़ की तरफ भागे। स्वाट टीम से वायरलेस के माध्यम से मिली सूचना पर सोहरामऊ पुलिस ने आगे घेराबंदी लगाई। इस पर बदमाश जान से मारने की नीयत से फायर करते हुए कच्चे रास्ते पर गाड़ी छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग करते हुए घेराबंदी करके पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर दो लुटेरे भाग निकले।
यह आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े
पूछताछ में लुटेरों में एक ने अपना नाम गाेंडा जिले के थाना तरबगंज के गांव पूरेपांडेय निवासी मधुकर पांडेय, दूसरे ने रायबरेली के लालगंज छबरा निवासी रणंजय उर्फ मुन्ना, तीसरे ने लखनऊ के सहादतगंज की कृष्णापुरी कालोनी के सुनील जोशी, चौथे ने जिले के माखी थानाक्षेत्र के दीपागढ़ी निवासी अजय कुमार व पांचवें ने दीपागढ़ी निवासी सोनू उर्फ अखिलेश बताया। इसमें मधुकर के पास से पिस्टल के साथ दो कारतूस व मोबाइल बरामद करने के साथ ही अन्य लुटेरों के पास से तमंचा व कारतूस मिले हैं। घटना में शामिल बोलेरो को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। लुटेरों में मधुकर पांडेय शातिर अपराधी है। लखनऊ के सरोजनी नगर में दो, व जिले के सोहरामऊ थाने में आठ मुकदमे दर्ज हैं। तीन महीने पहले ही वह जेल से छूटकर आया है।
एसपी ने बोलेरो के पलटने से नकारा
सोहरामऊ थानाक्षेत्र के हिनौरा मोड़ के निकट पुलिस जिस जगह मुठभेड़ की बात कही। वहां आसपास के ग्रामीणों ने फायरिंग को नकारा है। ग्रामीणों का कहना है उन्हें गोली चलने की आवाज तो दूर दो दिन तो पुलिस क्षेत्र में दिखाई तक नहीं दी। वहीं पत्रकार वार्ता में सीओ सिटी ने मुठभेड़ के दौरान बोलेरो के खंती में पलटने की बात कही तो एसपी ने मुठभेड़ तो बताई लेकिन बोलेरो के पलटने से नकार दिया।
जेल में हुई थी आरोपियों की मुलाकात
मधुकर व लालगंज निवासी रणंजय की मुलाकात जेल में हुई थी। इसमें रणंजय चार महीने पहले जमानत पर बाहर आया था। बाहर आने के बाद उसने मधुकर की जमानत कराई और बाहर निकलवाया। रणंजय मधुकर से लालगंज के वीरेंद्र सिंह की पुरानी रंजिश में हत्या कराना चाहता था। लेकिन वीरेंद्र बाद में एक मामले में जेल चला गया। पुलिस के मुताबिक, साल 2015 में सोहरामऊ थानाक्षेत्र के ही बनी के पास एक वैन से लूटे गए आठ किलो सोने में मधुकर पांडेय शामिल था। इसलिए मधुकर ने फिर से एक्सिस बैंक की कैश वैन लूट की योजना बनाई थी। पुलिस की मानें तो घटना में शामिल लुटेरे खुद का फोन प्रयोग न कर पिता के फोन पर बात कर योजना बनाते थेे। पुलिस को सर्विलांस से खासी मदद मिली। लुटेरों ने हरदोई, उन्नाव व गोंडा जिले में भी लूट की घटनाएं की हैं।
तीन दिन पहले गांव से उठाए गए थे आरोपी
पुलिस जिस घटना को मुठभेड़ बता रही है। उसमें ग्रामीणों की मानें तो तीन दिन पहले लुटेरों को पुलिस ने उनके घर से उठाया था। सूत्रों का दावा है कि कई घंटे लुटेरों को गंगाघाट थाने में रखा गया। वहां रात में एसपी, सीओ ने उनसे पूछताछ भी की। रविवार सुबह पुलिस लुटेरों को लखनऊ आईजी सुजीत पांडेय के पास भी ले गई थी।
पुलिस टीम पर इनामों की बारिश
घटना के खुलासे में शामिल टीम में स्वाट प्रभारी हरपाल सिंह, जयशंकर सिंह, अभय मिश्रा, आरक्षी सूरज सिंह, अनिल मिश्रा, एसओ सुनीता चौरसिया, उपनिरीक्षक नर्वदेश्वर, आरक्षी दिनेश कुमार व अवनीश कुमार के साथ ही पुलिस टीम को डीजी ने प्रशस्तिपत्र देकर बधाई दी है। साथ ही आईजी सुजीत पांडेय ने टीम को 25 हजार व एडीजी जोन ने 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।