उन्नाव/नवाबगंज। तीन सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक महिला व उसकी दो बेटियां भी हैं। दूसरे हादसे में श्रमिक की मौत पर बवाल हो गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो भीड़ ने पथराव कर दिया। इससे सीओ सिटी आरके सिंह, कोतवाली प्रभारी प्रदीप यादव समेत पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। बांगरमऊ में डीसीएम की टक्कर से स्कूल प्रबंधक की मौत हो गई।
कानपुर से मरीज को लेकर लखनऊ ट्रामा सेंटर जा रही एंबुलेंस खड़े ट्रक में पीछे से टकरा गई। हादसे में कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के ढाका पुरवा गांव निवासी विद्यावती रैदास (45) पत्नी स्व.राधेश्याम के अलावा साथ बैठी बेटी पप्पी (28) पत्नी नन्हे निवासी बरेवा थाना बिल्हौर और मंजू (16) की मौत हो गई जबकि मदद के लिए साथ जा रहा गांव का ही संजय सिंह (28) पुत्र धर्मवीर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में पप्पी की बेटी सपना (8) और डेढ़ साल के बेटे आदित्य को भी चोटें आईं। यह हादसा रविवार को रात करीब एक बजे अजगैन थानाक्षेत्र में लखनऊ-कानपुर हाइवे पर नवाबगंज पक्षी विहार के पास हुआ।
रविवार सुबह करीब नौ बजे शहर कोतवाली क्षेत्र में दही चौकी के पास लखनऊ-कानपुर हाइवे पर ट्रक ने साइकिल सवार फैक्ट्री श्रमिक अमोल सिंह (30) पुत्र बृजपाल सिंह निवासी माखी थाना क्षेत्र के मुलुकगड़ार को रौंद दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों व फैक्ट्री श्रमिकों ने बीस लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर हाइवे पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने लाठियां फटकारीं तो भगदड़ मच गई। इस पर भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पत्थर लगने से कोतवाली प्रभारी का वायरलेस सेट भी टूट गया।
भीड़ के छंटने पर पुलिस ने शव को टेंपो से पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। सड़क जाम और पुलिस पर पथराव करने में डेढ़ सौ अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। उधर बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में शनिवार देर रात डीसीएम की टक्कर से कसबा इंटर कॉलेज प्रबंधक विपिन शर्मा (35) पुत्र कांशीराम घायल हो गए। लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।