बीघापुर (उन्नाव)। रुपये के बदले ज्यादा रियाल देने का लालच देकर ठगी करने वाले पांच बांग्लादेशियों को पुलिस ने दबोचा है।एसपी ने बताया कि यह सभी बांग्लादेशी हैं और छह साल पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में दाखिल हुए। फर्जी निवास प्रमाणपत्र बनवाकर चोरी छिपे दिल्ली फिर मथुरा में रहने लगे। भारत में पासपोर्ट बनवाकर वीजा लेकर बांग्लादेश भी जाते थे। गिरोह के सरगना के बांग्लादेश के बैंक अकाउंट में आठ लाख टका जमा होने की पुष्टि हुई है। अन्य की जांच जारी है।
एसपी दीपक भूकर ने सोमवार को पूरे मामले का खुलासा किया। बताया कि रायबरेली के थाना लालगंज के नवरंग का पुरवा निवासी मानू सोनी ने 21 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक महिला व दो अज्ञात युवकों ने दो लाख की भारतीय करेंसी के बदले तीन लाख रियाल (सऊदी अरब की करेंसी) देने का लालच देकर 1.55 लाख रुपये की ठगी कर ली। रुपये लेकर एक पोटली में कागज की गड्डी थमाकर भाग गए थे।
जांच में जुटी पुलिस टीमों ने सर्विलांस की मदद से फोन नंबर के आधार पर लोकेशन की जानकारी हासिल की और सदर कोतवाली में सब्जी मंडी के पास कबाड़ी बनकर रह रहे पांच लोगों को पकड़ा। एसपी ने बताया कि जांच में पता चला कि यह सभी बांग्लादेशी हैं और करीब छह साल पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में घुसपैठ की थी। सबसे पहले गिरोह का सरगना अब्दुल जलील दिल्ली व अन्य शहरों में चोरी छिपे रहता रहा। इसके बाद मथुरा जिले से निवास प्रमाणपत्र बनवा लिया और बाद में अन्य लोगों को बुला लिया और धोखाधड़ी करके यहीं के निवास प्रमाण पत्र बनवा लिए।
एसपी ने बताया कि अब्दुल जलील ने पूछताछ में जानकारी दी है कि उसे दिल्ली के एक व्यक्ति से सऊदी अरब की करेंसी हासिल हुई थी। जिसे दिखाकर वह लोग ठगी करते थे। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसने रैकेट में शामिल पश्चिम बंगाल के जिला उत्तर के थाना जीवनतला के काली कतला गांव के मासूम मुल्ला, मथुरा के कोदवन गांव में रहने वाले मिंटू व उसकी पत्नी हमीदा और मथुरा के रघुवीर बिहार कालोनी रहने वाले अफरोजा को पकड़ा। यह सभी बांग्लादेशी फर्जी निवास प्रमाणपत्र की मदद से यहां रह रहे थे।
आरोपियों ने बताया है विदेशी मुद्रा को सस्ती दर में देने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करते थे। यह सभी लोग भारत के पासपोर्ट से कई बार बांग्लादेश भी जा चुके हैं। एसपी के मुताबिक, इनके पास से मिले मोबाइल नंबर और टैट लिस्ट से इन सभी के बांग्लादेशी होने का पता चला है। पकड़े गए आरोपियों के पास से 44020 रुपये, अवैध कागजात, बाइक, 16 मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बांग्लादेशी वीजा, पासपोर्ट, नोटनुमा मोड़कर बनाए गए कागज के बंडल, बैंक ट्रांजेक्शन स्टेटमेंट पुलिस ने बरामद किए हैं। बाइक सीज कर दी गई है।
पकड़े गए बांग्लादेशी शातिर हैं। इसमें मिंटू, अफरोजा, हमीदा पर हरदोई की सदर कोतवाली, थाना बिलग्राम में रिपोर्ट दर्ज है। अब्दुल जलील पर सदर कोतवाली उन्नाव में दो मामले दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि रियाल उपलब्ध कराने वाले दिल्ली के युवक का भी पता लगाया जा रहा है। यह गिरोह काफी बड़ा है, अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जांच चल रही है। इन बांग्लादेशियों ने जाली पहचान पत्र कैसे बनवाए, कहां और कितने दिनों से रह रहे थे। आवश्यक होने पर रिमांड पर लेकर भी और जानकारी जुटाई जाएगी।
यह हुआ बरामद
11 मोबाइल फोन कीपैड, मोबाइल स्मार्ट फोन, छह सिम कार्ड अलग कंपनी के, एक बांग्लादेशी सिम, तीन पैन कार्ड, चार आधार कार्ड, सरगना अब्दुल जलील के दो आधार कार्ड अलग-अलग पते के और दिल्ली के पते की वोटर आईडी, एक आईडी कार्ड बांग्लादेश का, बांग्लादेश और एक भारतीय वीजा की फोटो कॉपी, रुमिशा बेगम के नाम का एक पासपोर्ट, जलील का बांग्लादेश का पहचान पत्र, हमिदा का पासपोर्ट, बांग्लादेशी पहचान पत्र अलोमगर का, जलील का भारतीय पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और बांग्लादेशी वीजा, परवीन नाम की महिला के बांग्लादेश के बैंक खाते में भेजे गए रुपये की तीन ट्रांजेक्शन स्टेटमेंट, एक बाइक।