बिछिया। ब्लाक क्षेत्र के रुपऊ गांव में दो दिन में बुखार से आठ लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। गांव में सौ से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीण आसपास के झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। सीएचसी प्रभारी का कहना है कि आशा कार्यकर्ता से जानकारी मांगी गई है। चिकित्सीय टीम भेजी जाएगी।
बिछिया ब्लाक के रुपऊ गांव में बुखार का प्रकोप है। लगभग हर घर में बुखार के मरीज हैं। जांच और कोरोना की पुष्टि पर कोविड अस्पताल में भर्ती न होना पड़े इसलिए लोग जांच कराने से भी बच रहे हैं। कई दिनों से बुखार से पीड़ित जमील अहमद (55) और मजरा झाऊखेड़ा निवासी रणेंद्र तिवारी (50) की मंगलवार रात मौत हो गई।
जमील के भाई शोएब ने बताया कि वह कई दिनों से बुखार से परेशान थे। मौसमी बुखार की आशंका से एक झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। इलाज करने वाले ने भी मौसमी बीमारी बताकर इलाज करता रहा। मंगलवार रात मौत हो गई। बुधवार सुबह से दोपहर बाद दो बजे तक इसी गांव की मुन्नी (60), विद्यावती (65), धर्मराज गुप्ता (55) रूपरानी (50) रामनरायन (40) और रामकरन (55) की भी मौत हो गई।
एक के बाद एक मौत से गांव में हर तरफ मातम मच गया। गांव के निवर्तमान प्रधान मुन्ना खां ने बताया कि गांव के श्यामू सिंह, उनकी पत्नी लक्ष्मी, बेटा अमित, संकठा प्रसाद व उनकी पत्नी और बेटी सहित गांव में लगभग हर घर में कोई न कोई बुखार से पीड़ित है।
बिछिया सीएचसी प्रभारी डॉ. मुशीर अहमद ने बताया कि बुखार से मौत होने की सूचना नहीं मिली है। आशा कार्यकर्ता से जानकारी की जाएगी कि मौतों के पीछे क्या वजह है। बताया कि गांव में मेडिकल टीम भी भेजी जाएगी।