उन्नाव। ट्रांसगंगा सिटी के लिए अधिग्रहीत भूमि पर कब्जे के लिए किसानों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष के बाद प्रशासन ने किसानों की संतुष्टि के लिए तेज कदम बढ़ाए हैं। यूपीसीडा के मुख्य प्रबंधक ने बताया कि 1144 एकड़ भूमि में सबसे पहले वादे के मुताबिक किसानों के लिए परियोजना के सेक्टर 19 में 65 एकड़ भूमि विकसित की जाएगी। इसपर काम शुरू कर दिया गया है। किसानों को बिना विकास शुल्क लिए यहां भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे।
यूपीसीडा (राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की ओर से गंगा बैराज के पास सदर तहसील के गांव कन्हवापुर, मनभौना और शंकरपुर सरांय गांव में विकसित की जा रही ट्रांसगंगा सिटी परियोजना को लेकर शनिवार को किसानों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष के बाद से प्रशासन और यूपीसीडा के अधिकारी जल्द से जल्द किसानों की आशंकाओं और लंबित मामलों का निस्तारण करके मामला शांत करने में जुट गए हैं। लगातार चौथे दिन मंगलवार को डीएम देवेंद्र पांडेय, एडीएम राकेश सिंह, एसपी एमपी वर्मा, एएसपी वीके पांडेय सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी व यूपीसीडा के अधिकारी ट्रांसगंगा सिटी के साइट आफिस में डटे रहे और कार्य में तेजी लाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने व फाइलों के निस्तारण में जुटे रहे।
यूपीसीडा के मुख्य प्रबंधक अनिल गर्ग ने बताया कि भूमि अर्जन की प्रक्रिया वर्ष 2002 में शुरू हुई थी। कुल 1144 एकड़ भूमि अधिग्रहण की गई। जिसमें किसानों की 1100 एकड़ है जबकि 44 एकड़ भूमि ग्राम समाज की है।
प्रारंभिक भूमि मुआवजा दर 1.51 लाख प्रति बीघा तय हुई। लेकिन किसानों के विरोध के चलते वर्ष 2010 में करार नियमावली के माध्यम से मुआवजे की रकम बढ़ाकर 5.51 लाख रुपये प्रति की गई। लेकिन कुछ समय बीतने के बाद ही कुछ बिचौलियों ने अपने लाभ के लिए किसानों को भड़का कर विरोध शुरू कराया। 2014 में अनुतोष राशि के रूप में 7 लाख प्रति बीघा और दिया गया। इस तरह किसानों को प्रति बीघा 12.51 लाख रुपया की दर से 237 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 2015 से जून 2017 तक लगातार परियोजना का काम जारी रहा। लेकिन किसान के आंदोलन को एकबार फिर हवा दी गई इससे काम रोकना पड़ा। उन्होंने बताया कि परियोजना के सेक्टर 19 में 65 एकड़ भू-भाग को पूरी तरह विकसित करके किसानों को भूखंड दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द किसानों को बिना विकास शुल्क लिए विकसित भूमि उपलब्ध कराई जाए।
यूपीसीडा के मुख्य प्रबंधक ने बताया कि इस परियोजना से आसपास के गांवों को ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लिए विकास और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। बताया कि कुछ लोग किसानों को भड़काकर उनके माध्यम से अपने हितों को पूरा करने की कोशिश करते रहे हैं। यही वजह है कि परियोजना का काम शुरू होने में लंबा वक्त लगा।
डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि चिह्नित की गई भूमि के किसान लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं। बताया कि किसानों को आश्वस्त किया गया है कि उनकी जो भी समस्याएं या शिकायतें हैं तत्काल निस्तारित की जाएंगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि किसी बाहरी व्यक्ति के बहकावे में न आएं और कानून-व्यवस्था बनाए रखें। डीएम ने साफ कहा कि घटना के पीछे जो अराजकतत्व हैं उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। किसी को कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा बल्कि सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को शंकरपुर सराय में पीड़ित किसानों से मुलाकात की। पार्टी के जिला अध्यक्ष मोहम्मद अहमद ने कहा कि ट्रांस गंगा सिटी में अधिग्रहीत जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों को दंडित करने और घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को जानवरों की तरह पीटा गया। जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि किसानों की मांगे नहीं मानी गई तो इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी। इस दौरान मोहम्मद जाबिर, लाइक अंसारी, अशफ ाक खान, नफ ीस अहमद, मो. आसिफ भी मौजूद रहे।