परियर (उन्नाव)। कानपुर के दो लोगों पर 25 बिस्वा जमीन कब्जा करने की शिकायत लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचे किसान ने आत्मदाह की धमकी दी। सूचना पर प्रशासन हरकत में आया और सोमवार को उसकी जमीन की पैमाइश करते हुए 10 बिस्वा जमीन कब्जा मुक्त कराई। पीड़ित के मुताबिक 15 बिस्वा जमीन अभी कब्जामुक्त नहीं हुई है।
सदर तहसील क्षेत्र के मानाबंगला गांव निवासी हरिश्चन्द्र रावत का आरोप है कि गाटा संख्या 225 कटरी परियर में है। करीब 20 साल से कानपुर निवासी दो लोगों ने फॉर्म हाउस बनाकर कब्जा कर रखा था। जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए अधिकारियों और नेताओं के चक्कर लगा रहा था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को वह पत्नी तारावती के साथ मुख्यमंत्री के जनता दरबार में लखनऊ पहुंचा और न्याय न मिलने पर आत्मदाह ही एक रास्ता बचने की बात कही।
मुख्यमंत्री कार्यालय से शिकायत का निस्तारण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। इसके बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया। शनिवार सुबह ही एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी, सफीपुर कोतवाल एसएन त्रिपाठी, लेखपाल प्रदीप कमल, दीपचंद्र, शैलेंद्र सोनवानी पहुंचे। जमीन की नाप की गई तो किसान की 10 बिस्वा जमीन कानपुर बिठूर निवासी बनी सिंह के फाॅर्म हाउस में निकली। पीड़ित ने 15 बिस्वा जमीन दूसरे व्यवसायी के फॉर्म हाउस में हाेने की बात कही तो अधिकारी जांच का आश्वासन देकर चले गए। किसान की पत्नी तारावती ने बताया कि जमीन पर पूरी तरह कब्जा नहीं दिया गया है। फार्म हाउस मालिक ने जो 15 बिस्वा जमीन कब्जा कर रखी है वह खाली नहीं कराई गई।
एसडीएम क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि किसान हरिश्चंद्र के प्रार्थनापत्र पर उसकी भूमिधरी जमीन गाटा संख्या 225 पर नाप कर कब्जा दिया गया है। किसान की पत्नी पहले हुई नाप से संतुष्ट नहीं थी, इसलिए दोबारा नाप कराई है।