मृतक श्रमिक के परिजनों को समझाती पुलिस।
- फोटो : मृतक श्रमिक के परिजनों को समझाती पुलिस।
चकलवंशी (उन्नाव)। दही थानाक्षेत्र के गंगूखेड़ा गांव में नशे में घायल मिले श्रमिक की कानपुर हैलट में बुधवार को मौत के बाद देर शाम शव फिरोजपुर कला स्थित घर पहुंचा। तहरीर देने के बाद भी हत्या की रिपोर्ट न दर्ज करने को लेकर परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। थानाध्यक्ष पहुंचे और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। विधायक के प्रतिनिधि ने सरकारी लाभ दिलाने का आश्वसन दिया, तब लोग शांत हुए।
माखी थानाक्षेत्र के फिरोजपुरकला गांव निवासी बाबूलाल गौतम (40) मजदूरी करता था। अपने तीन बच्चों में अनीता, सूरज और वंशिका के साथ शहर के कल्याणी मोहल्ले में किराए के घर में रहता था। चार अगस्त की शाम वह घर से बिना बताए निकला था। देर रात वह दही थानाक्षेत्र के गंगूखेडा गांव में पड़ा मिला था।
थानाध्यक्ष दही ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के मुताबिक डॉक्टर ने शरीर में चोट के निशान बताए थे और छह अगस्त को सुबह कानपुर हैलट रेफर किया था। वहां इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक के बड़े भाई जगदीश ने दही थाने में अज्ञात के खिलाफ भाई की मारपीट से मौत की तहरीर दी थी। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार देर रात परिजन शव लेकर घर आए।
रात भर रखने के बाद गुरुवार सुबह हत्या की रिपोर्ट दर्ज न करने और सरकारी सहायता न मिलने से हंगामा करने लगे। माखी थानाध्यक्ष योगेश कुमार सिंह पहुंचे और परिजनों को दही थाने में कार्रवाई होने की बात बताई। मृतक के भाई जगदीश ने सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर को सूचना दी। उनके प्रतिनिधि मलखान पहुंचे और हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन देकर शांत कराया।
दही थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि अभी जांच चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विसरा सुरक्षित रखने का पता चला है, रिपोर्ट नहीं आई है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।