दिवाकर ने बड़ी कमाई करने का लालच दिया। वह उसे फैजाबाद में मशीन से 200 रुपये के नकली नोट छापने वाली जगह ले गया। उसने बताया कि 15 हजार के असली नोट देने पर वह 50 हजार के 200 के नकली नोट देगा। बताया कि 200 रुपये के नोट पर किसी को शक भी नहीं होता है और व्यक्ति इसे आसानी से ले लेता है।
लालच में फंसकर उसने 15 हजार रुपये देकर 50 हजार के नकली नोट ले लिए और चार दिन फैजाबाद में रुककर नोटों को चला दिया। लालच बढ़ने पर वह दिवाकर से 77 हजार के नकली नोट लेकर उन्हें खपाने के लिए पुरवा ला रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुरवा कोतवाली की टीम सरगना को पकड़ने के लिए फैजाबाद रवाना हुई है। सीओ रघुवीर सिंह ने बताया कि नकली नोट छापने में फैजाबाद के एक युवक का नाम सामने आया है। जल्द उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। नकली नोट के साथ पकड़े गए आरोपी मनीष कुमार को जेल भेजा गया है।
आरबीआई व एलआईयू टीम ने दो घंटे की पूछताछ
नकली नोट के साथ आरोपी के पकड़े जाने के बाद शनिवार देर रात लखनऊ से आई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और उन्नाव की एलआईयू टीम पुरवा कोतवाली पहुंची। दोनों टीमों ने मनीष कुमार से लगभग दो घंटे पूछताछ की।