बोर्ड परीक्षा में निगरानी के लिए बनाए गए जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट कार्यालय से बाहर नहीं निकल रहे हैं। सुरक्षाकर्मी डीआईओएस दफ्तर में आकर खड़े हो जाते हैं, लेकिन सेक्टर मजिस्ट्रेटों का पता नहीं रहता। इन पांच दिनों में जोनल मजिस्ट्रेट एसडीएम बीघापुर ने ही केवल परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण की रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय को भेजी है।
जिले के 150 परीक्षा केंद्रों की निगरानी की लिए डीएम ने नौ जोनल मजिस्ट्रेट के साथ 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट व छह सचल दल की तैनाती की है। 18 फरवरी से शुरू हुई बोर्ड परीक्षा में केवल सचल दल ही परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के लिए निकल रहे हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेटों की रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय नहीं आ रही है। स्थिति यह है कि सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ तैनात किए गए सुरक्षा कर्मी डीआईओएस कार्यालय आकर खड़े रहते हैं, लेकिन मजिस्ट्रेट साहब का पता नहीं चलता। नियमानुसार निरीक्षण पर जा रहे सेक्टर मजिस्ट्रेट को निरीक्षण आख्या जोनल मजिस्ट्रेट को देनी है। बाद में जोनल मजिस्ट्रेट डीआईओएस कार्यालय रिपोर्ट लिखवाते हैं। इन पांच दिनों में अभी तक एसडीएम बीघापुर ने ही निरीक्षण आख्या कंट्रोल रूम में दर्ज कराई है। डीआईओएस देवकी सिंह ने बताया कि कार्यालय में अभी तक एक जोनल मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट आई है। बाकी की कोई रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। हो सकता है बाद में जोनल रिपोर्ट दर्ज कराए।