नवजात की मौत के बाद जिला महिला अस्पताल में बदहवास बैठी मां सरोजनी।
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जिला अस्पताल में बने सक न्यू बार्न केयर यूनिट(एसएनसीयू) में लंबे समय से चिकित्सक नहीं है। इस वजह से यहां अक्सर बच्चे की मौत होती रहती है।
लोगों ने बताया कि एसएनसीयू में इलाज के अभाव में नवजात की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी नवजात की मौत हो चुकी है। पिछले महीने पुरवा की एक दुष्कर्म पीड़ित किशोरी के नवजात बच्ची को डाक्टर के न होने के कारण भर्ती नहीं किया गया था। इलाज के अभाव में नवजात ने अस्तपल गेट पर ही दम तोड़ दिया था।
पूर्व में बच्चाें को भर्ती करने की मांग को लेकर कई बार परिजन हंगामा कर चुके हैं। उसके बाद भी रात में डाक्टर की तैनाती नहीं की जा रही है। अस्पताल प्रशासन नवजात की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है।