संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। दही तिराहे से डायवर्जन लागू होने के बाद भी नवाबगंज टोल से पिछले 15 घंटे में करीब 2600 भारी वाहन निकले। इससे पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ रही है। चर्चा है कि तिराहे पर तैनात पुलिस कर्मियों की सेटिंग से चालक सीधे गाड़ी लेकर निकल रहे हैं।
लखनऊ के बंथरा में लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य से लग रहे जाम से भारी वाहनों के हाईवे के जरिए आगे जाने पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए छह दिसंबर से दही तिराहे से डायवर्जन लागू कर दिया गया है। यहां से वाहनों को पुरवा मोड़ से मोहनलालगंज निकाला जा रहा है। हालांकि पहले दिन डायवर्जन कागजों पर ज्यादा दौड़ता नजर आया।
टोल मैनेजर इरफान शेख ने बताया कि भारी वाहनों के रूट डायवर्जन को लेकर उनके पास कोई पत्र नहीं आया है। शनिवार रात 12 बजे से रविवार दोपहर तीन बजे के बीच करीब 2600 भारी वाहन प्लाजा से निकले। ऐसे में सवाल उठता है कि जब वाहनों का रूट डायवर्जन लागू है तो भारी वाहन कैसे हाईवे के रास्ते लखनऊ निकाले गए।
यातायात प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर करीब एक महीने के लिए भारी वाहनों का डायवर्जन लागू किया गया है।
इसके बाद भी वाहन कैसे निकले, इसकी जांच कराई जाएगी। जिन भी पुलिस कर्मियों की चालकों से संलिप्तता मिलेगी तो कार्रवाई कराई जाएगी। वाहनों का डायवर्जन पांच जनवरी तक लागू रहेगा।