पाटन। परीक्षा केंद्र बनाने के लिए यूपी बोर्ड से मांगी गई बिंदुवार जानकारी देने के बाद भी मानक विहीन स्कूल को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। जिस स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। वहां न ही पर्याप्त कमरे हैं और न ही बैठने के लिए सीटें। वायस रिकॉर्डर, सीसी टीवी भी नहीं है। उसके बाद भी परीक्षा केंद्र बनाया गया। जबकि पास के ही एक स्कूल में सारी व्यवस्थाएं होने के बाद भी उसे छोड़ दिया गया।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जिले में 118 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्र बनाने से पहले सभी स्कूलों से 38 विंदुओं पर आख्या मांगी गई थी। जिसमें स्कूल में कमरे, सीटिंग प्लान, सीसीटीवी, वायस रिकार्डर सहित अन्य बिंदु शामिल थे। तहसील क्षेत्र के गांव बाबूखेड़ा में संचालित स्वामी ईश्वरानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने उन सभी बिंदुओं पर अपनी आख्या दी थी। जिसमें मानक पूरा न होने का जिक्र था। उसके बाद भी इस स्कूल को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। जबकि तनगापुर में संचालित चंद्रिका देवी इंटर कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाने के सारे मानक पूरा होने के बाद भी उसे परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है।
जांच कर रही शिक्षा विभाग की टीम परीक्षा केंद्र के प्रबंधकों पर मानक पूरा कराने का हर संभव प्रयास कर रही है। कोई इनकार करता है तो परीक्षा समिति को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस बारे में डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि अभी जो भी परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं वहां के प्रबंधकों को सारी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उसके बाद कोई प्रबंधक मानकों को पूरा न करने की बात कहता है तो परीक्षा समिति इसका निर्णय लेगी।