ईडी के अधिकारियों नवाबगंज कस्बा निवासी चाचा के घर और लखनऊ के उसके फ्लैट में जांच के दौरान ईडी ने सुबह छह बजे एक साथ छापा मारा। युवक व उसके पिता, चाचा व अन्य परिजनों के बैंक अकाउंट डिटेल के साथ प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात और पेनड्राइव, सीडी सहित अन्य अभिलेख कब्जे में लिया है। जांच अभी जारी है।
नवाबगज ब्लॉक के खजूर गांव निवासी पूर्व प्रधान लक्ष्मीनाथ द्विवेदी मेडिकल स्टोर चलाते हैं। भाई नृपेंद्र नाथ द्विवेदी की शस्त्र की दुकान है। आरोप है कि लक्ष्मीनाथ द्विवेदी के बेटे अनुराग द्विवेदी ने आईपीएल व अन्य क्रिकेट सिरीज के दौरान ड्रीम-11 एप के माध्यम और सट्टेबाजी के जरिए सैकड़ों करोड़ की कमाई की है।
ईडी सूत्रों के अनुसार हर महीने करोड़ों की कमाई वाले अनुराग पर वह पहले से ही रडार पर था। 21 नवंबर को उसने दुबई में अपनी शादी समारोह का आयोजन किया। दुबई में पानी के जहाज और वहीं के क्वीन एलिजाबेथ होटल-टू में समारोह का आयोजन किया था। दिल्ली की रहने वाली लड़की से शादी और भव्य समारोह में कई नामी हस्तियों के अलावा बॉलीवुड की हस्तियां शामिल हुई थीं।
बुधवार सुबह छह बजे अनुराग के गांव वाले घर पर तीन गाड़ियों से पहुंची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की 16 सदस्यीय टीम गांव के घर के अलावा नवाबगंज कस्बे में चाचा के घर और लखनऊ स्थित फ्लैट में एक साथ दबिश दी। नवाबगंज स्थित चाचा के घर पर ताला बंद होने से टीम के साथ रहे सीआरपीएफ ने घर को घेर लिया।
सुबह करीब 11 बजे टीम के सदस्य अनुराग की मां को अपने साथ गांव से नवाबगंज कस्बा लेकर आए और घर का ताला खुलवाकर जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन, प्रॉपर्टी के कागजात कब्जे में लिए हैं। सूत्रों के अनुसार टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रीम-11 एप के माध्यम से हुई करोड़ों की कमाई कहां कहां खपाई और उसके दस्तावेज ठीक हैं या नहीं। धन का उपयोग किसी अवैध काम में तो नहीं किया जा रहा है।
मेहमानों को कार्ड के साथ भेजे थे हवाई जहाज के टिकट
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अनुराग ने कस्बे के करीब 30 लोगों को अपनी शादी में आमंत्रित किया था। शादी के कार्ड के साथ ही जहाज से दुबई का टिकट, होटल में रहने और घूमने के बंदोबस्त के साथ ही शाही दावत के इंतजाम किए थे। दुबई से लौटे लोग अनुराग की अकूत संपत्ति और ठाठ-बाठ की चर्चा करते नहीं थक रहे। चार्चा है कि अनुराग ने तीन साल में 100 बीघा से अधिक जमीन और मकान खरीदे। पिता के नाम भी करीब 30 बीघा जमीन खरीदी है। चाचा और रिश्तेदारों के बैंक खातों में भी करोड़ रुपये जमा किए हैं। ईडी ने उन बैंक खातों को भी जांच में शामिल किया है।
युवाओं की बर्बादी का कारण बना ऑनलाइन खेल
सूत्रों के अनुसार अनुराग एक लोकप्रिय यूट्यूबर भी है। वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को ड्रीम-11 पर टीम बनाने और पैसा लगाने के लिए प्रेरित करता था। शुरुआती दौर में खुद पैसा लगाने के बाद उसने इंटरनेट मीडिया पर टीम बेचना शुरू कर किया। इस काम से उसने करोड़ों रुपये कमाए। चर्चा में बने रहने के लिए वह नगर पंचायत में एंबुलेंस दान करने और कंबल वितरण जैसे सामाजिक कार्य भी करता था।
ग्रामीणों के अनुसार अनुराग के वीडियो देखकर क्षेत्र के हजारों युवाओं ने टीम बनाने के चक्कर में लाखों रुपये गंवा दिए। वह युवाओं को रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर अपनी टीमें बेचता था। टीम के सदस्यों ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया है, लेकिन लखनऊ के फ्लैट पर भी बड़ी बरामदगी की आशंका जताई जा रही है। यही नहीं अनुराग महंगी गाड़ियों का शौकीन भी है। उसके पास मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, डिफेंडर जैसी करोड़ों की महंगी गाड़ियां हैं।
ईडी को नहीं मिला अनुराग, परिजन बोले दुबई में है
ईडी ने पहुंचते ही सबसे पहले परिजनों से अनुराग द्विवेदी के बारे में जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि वह यहां कभी-कभी ही आता है। ज्यादातर समय वह दिल्ली, मुंबई व अन्य शहरों और विदेशों में ही रहता है। इस समय वह दुबई में है। जांच अधिकारियों ने अभी तक किसी आधिकारिक जब्ती की घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं और जांच का दायरा अनुराग के करीबियों तक पहुंच सकता है।