कोतवाली क्षेत्र के देवगांव में बीमारी से त्रस्त होकर प्रधान पति ने गांव के बाहर एक बाग में फांसी लगाकर जान दे दी। खेत पर काम कर रहे छोटे भाई को इसकी जानकारी हुई तो परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
देवगांव निवासी सुधीर यादव (45) काफी समय कैंसर से पीड़ित थे। उसका इलाज कानपुर के एक अस्पताल में चल रहा था। बुधवार को डाक्टर ने आपरेशन की सलाह दी थी।
डाक्टर को दिखाने के बाद पत्नी अनीता यादव से दर्द होने की बात कही। गुरुवार सुबह वह नहाने के बाद घर से खेत गया। वहां पर छोटे भाई नवाब से बातचीत की और टहलते हुए बाग की ओर चला गया। करीब एक घंटे तक जब वह वापस नहीं आया तो नवाब बाग में गया। वहां पर देखा बड़े का शव आम के पेड़ में फांसी पर लटका था।
सूचना मिलते ही परिजन खेत पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। मृतक के पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस को मृतक की जेब से सुसाइड नोट निकला। सुसाइट नोट में उसने बीमारी से तंग आकर आत्महत्या करने की बात कही है। यह भी लिखा है कि उसकी मौत के बाद पत्नी व बच्चों को सही सलामत रखा जाए।
मृतक की पत्नी अनीता यादव ग्राम प्रधान हैं। उसके पांच बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी चित्रा (22) की शादी हो चुकी है। जबकि खुशब ू(16), शील(14), सोनी(12), रामलखन(10) व रामकिशन (8) वर्ष हैं।