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Unnao News: करोड़ों पीकर मुंह चिढ़ाते अमृत के सूखे सरोवर

Tue, 15 Jul 2025 01:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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उन्नाव। जिला पंचायत के वर्तमान कार्याकाल के चार साल पूरे होने पर जिन विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, जब धरातल पर उनकी पड़ताल की गई तो बुरा हाल मिला। करोड़ों पीने के बाद भी अमृत के सूखे पड़े सरोवर यहां हुए विकास कार्यों की चुगली करते मिले। 2.89 करोड़ से बनाए गए अमृत सरोवर दो साल भी सुरक्षित नहीं रह सके हैं।अधिकांश में झाड़ झांड़ियां उगी हैं। जल संरक्षण के नाम पर काई युक्त पानी भरा है। टहलने के लिए बनाया गया रोपवे धंसा हुआ है। इसके अलावा जो विकास कार्य कराए गए, वह भी टिक नहीं सके। खड़ंजा व नाला पहली ही बारिश में धंसा मिला। हालांकि अध्यक्ष का कहना था कि सरोवर निर्माण के बाद ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दिए गए थे। इसलिए आगे की जिम्मेदारी पंचायतों की थी। वहीं खड़ंजा व नाला धंसने के मामले को दिखवाने की बात कही।
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54.31 लाख खर्च करने के बाद केवल नाम का बचा अमृत सरोवर
हिलौली विकासखंड के बिसारा गांव में 54.31 लाख से अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया था। यहां पर भी काम 2023 में ही पूरा हो पाया था। इस बजट से यहां पर खोदाई, बंधा निर्माण, इंटरलाकिंग व बेंच लगाने का काम किया गया था। वर्तमान में यहां की हालत भी खराब है। सरोवर केवल नाम का ही बचा है। जगह जगह बड़ी बड़ी घास उगने से सरोवर किसी जंगल से कम नहीं लगता है। मुख्य गेट पर ही झाड़ियां उग आने से लोगों का अंदर पहुंचना मुश्किल होता है। कमोबेश यही हाल गंजमुरादाबाद के हरईपुर में बने 56.52 लाख से बने अमृत सरोवर का है। यहां पर इंटरलाकिंग धंस गई है। परिसर में घास उगी है।

बुलंदपुर बिधनू में 52.35 लाख रुपये से बना था अमृत सरोवर
विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी के गांव बुलंदपुर बिधनू में अमृत सरोवर के लिए 52.35 लाख स्वीकृत हुए थे। 2022 में शिलान्यास हुआ था। जिला पंचायत द्वारा 2023 में काम पूरा कराया गया। यहां पर लोगों के टहलने के लिए इंटरलाॅकिंग रोपवे, पूरे परिसर में बैरिकेडिंग कराई गई थी। लोगों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था की गई थी। वर्तमान में सरोवर के नाम पर यहां कुछ नहीं है। सरोवर में बड़ी बड़ी घास उगी है और बरसाती पानी भरा है। लोगों ने अपनी सुविधा के लिए यहां पर जगह जगह मिट्टी खोदकर गड्ढे बना दिए हैं।
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एक साल पहले बना खड़ंजा व नाला धंसा
जिला पंचायत ने पंचम राज्य वित्त आयोग से वर्ष 2024-25 में फतेहपुर चौरासी के ग्राम ऊगू में आरएलआरपी महाविद्यालय से राम विलास कनौजिया के खेत तक खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराया था। इस पर करीब 10 लाख खर्च हुए थे। यह मार्ग एक साल भी नहीं टिक सका। खड़ंजा कई स्थानों पर धंस गया है। यही नहीं साथ में बना नाला भी क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने खड़ंजा निर्माण में मानकों का ध्यान नहीं रखा। इसके चलते मार्ग कुछ ही दिनों में धंस गया। ऐसे में कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है।

चार साल में यह विकास कार्य कराने का दावा
-8.05 लाख से विकासखंड सुमेरपुर के ग्राम दूलीखेड़ा में एक अमर शहीद गुलाब सिंह की याद में तोरणद्वार, मूर्ति स्थापना का कार्य प्रगति पर
-43.98 करोड़ से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के लिए 181 किमी खड़ंजा, 17.06 करोड़ से 24 किमी सीसी, 14.37 करोड़ से 33 किमी डामरीकरण
-30.94 लाख से पांच पुलियों का नवनिर्माण, पूर्व में बनाए गए 1.15 करोड़ से 22 किमी डामरीकरण पर पैच मरम्मत, 10.76 करोड़ से 53 किमी डामरीकृत मार्गों का नवीनीकरण
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-50.67 करोड़ से 66 किमी नाला निर्माण, 19.92 लाख से दो सार्वजनिक शौचालय, 3.13 करोड़ से 161 सेमी ऊंचाई की हाई मास्ट लाइटें
-19.92 लाख की लागत से दो गो-संरक्षण केंद्रों की दीवार का निर्माण
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