पास में नोट होते हुए भी दो दिन से कड़की झेल रहे लोग गुरुवार सुबह होते ही 500-1000 नोट बदलने और बैंक खाते में जमा करने के लिए निकल पड़ा। इससे बैंकों में सुबह से ही खासी भीड़ रही। आलम यह रहा कि सुबह 9 बजे तक शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बैंक भीड़ से पट गए। पीएनबी, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त समेत अन्य बैंकों और डाकघरों में ताले खुलते ही नकदी जमा करने व नोट बदलने को मारामारी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल के साथ ही बैंक के सुरक्षाकर्मी पूरे दिन पसीना बहाते रहे। सुबह से शाम तक भीड़ का रेला बना रहा। लोगों को कैश जमा करने और नोट बदलने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहना पडा।
एसपी, डीएम ने परखी बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था
सुबह एसपी नेहा पांडेय सबसे पहले बस स्टाप स्थित पंजाब नेशनल बैंक पहुंचीं। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी के पास नोट बदलने और जमा करने के लिए 30 दिसंबर तक का समय है। बताया कि शुक्रवार को एटीएम सेवा भी शुरू हो जाएगी। एसपी ने कुछ बैंकों में कुछ दिनों के लिए लेन-देन काउंटर भी बढ़ाने को कहा। डीएम सुरेंद्र सिंह ने भी व्यवस्था का जायजा लिया। भारतीय स्टेट बैंक में उन्होंने चीफ मैनेजर दीपेंद्र यादव से नोटों की उपलब्धता और नोट बदलने की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने खुद भी चार हजार रुपये के नोट बदलवाए।
सामने मांगलिक कार्यक्रम, खरीदारी कब होगी
पीएम मोदी के फैसले से हर तरफ हलचल है। परेशान वो भी हैं जिनके पास पुराने नोटों की लाखों की नगदी है और वो मध्यम और गरीब तबका भी बेचैन हैं जिसके पास पांच सौ व हजार के कुछ ही नोट है। एसबीआई मुख्य शाखा में नोट जमा करने आईं सिविल लाइंस निवासी संध्या तिवारी फैसले का स्वागत तो किया लेकिन छोटे नोटों की किल्लत से परेशान भी दिखीं। उन्होंने बताया कि इसी महीने छोटी बहन की शादी है। संध्या ने बताया कि फैसले से शादी की तैयारियों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पांच सौ नोटों के तीन हजार रुपये जमा करने आए भदेसा के किसान दुलारे भी परेशान थे। उन्होंने बताया कि अपने ही रुपयों के लिए इतना जूझना पड़ेगा कभी सोचा नहीं था। बताया कि अगले महीने बेटी रिंकी की शादी है। अभी खरीदारी भी करनी है वह बैंक में रुपये जमा करने और फिर निकालने की जद्दोजहद ही रहेगा तो खरीदारी कब करेगा। बताया कि उसने नाते-रिश्तेदारों से रुपया लेकर एकत्र किया था। लेकिन उसे बदलवाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। बताया कि अगर बीस हजार रुपये की जरूरत पूरी करने के लिए दो दिन एटीएम बूथ के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
आईडी प्रूफ न होने के चलते झेली परेशानी
एसबीआई मेन ब्रांच के पास भीड़ में मौजूद नेपाल के बरदिया निवासी टीकाराम का बेहाल दिखे। जेब में पांच हजार की नकदी तो थी लेकिन अपने को भूख से बेहाल बता रहे थे। काफी देर बाद बैंक तो पहुंच गए लेकिन कुछ ही पल में बाहर आना पड़ा। इसलिए कि उनके पास कोई आईडी प्रूफ नहीं था। परिस्थितियों की दुहाई देते हुए टीकाराम पांच हजार के बदले लोगों से पैंतालीस सौ रुपये ही मांग रहा था लेकिन कोई भी मदद को आगे नहीं बढ़ा। इसके अलावा पंजाब प्रांत के गुरुदीप कुमार जो एक फैक्ट्री में तैनात हैं, गुजरात के स्यंव सिंह जो औद्योगिक एरिया में हाईवे किनारे चाय की दुकान लगाकर जीविका चला रहे हैं। इन्हें भी आईडी प्रूफ न होने के चलते नोट बदलने में मायूसी ही हाथ लगी।
घंटों जूझे लोग, हुई तकरार
पीएम के फैसले के बाद गुरुवार को बैंक खुले तो बैंक ग्राहकों की भीड़ से पट गए। नकदी जमा करने से लेकर नोट बदलने आए लोगों को भीड़ के चलते एक से दो घंटे तक लाईन में जद्दोजहद करना पड़ा। इस दौरान पहले काउंटर तक पहुंचने को लोगों में आपसी तकरार भी खूब देखने को मिली। यही नहीं बैंक कर्मियों से भी लोगों में पहले काम कराने को लेकर झड़पें भी हुई।
शहर में उमड़ी भीड़ बने जाम के हालात
बैंकों में लेनदेन के लिए शहरियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के खाताधरकों की शहर की बैंकों में चहलकदमी रही। सुबह के दस बजने तक शहर के मुख्य मार्ग पर यातायात का पहिया सुस्त होने लगा था। इस बीच बड़ा चौराहा के करीब स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, स्टेट बैंक आफ पटियाला, पीएनबी छोटा चौराहा व सब्जी मंडी, बैंक आफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक के सामने बाइक व चौपहिया वाहनों के बेतरतीब खड़े हो जाने से जाम के हालात बन गए। जिससे मुख्य मार्ग का ट्रैफिक पूरा दिन रेंगता रहा। यातायात सिपाही व पुलिस के सिपाही बैंकों में उमड़ी भीड़ को व्यवस्थित करने में तो कुछ हद तक सफल रहे लेकिन लोगों को जाम से निजात दिलाने में सफल नहीं हो सके।
नोट पांच सौ का हो या हजार का आज सब जमा होगा
नोटों पर आए संकट को देखते हुए बुधवार को बिजली विभाग ने पांच सौ व हजार के नोट लेने से इकार कर दिया था। जिससे बिल जमा करने आए अधिकतर लोग व्यवस्था को कोसते हुए लौट गए। गुरुवार को डीएम ने जनमानस की समस्या को देखते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को पांच सौ व हजार के नोट 11 नवंबर की रात 12 बजे तक बिल जमा करने आने वाले लोगों से नोट लेने का आदेश दिया है। अधिशाषी अभियंता प्रथम एसके पांडेय व अधिशाषी अभियंता एके दोहरे ने बताया कि एमडी के साथ ही डीएम का आदेश मिला है। 11 नवंबर की रात बजे तक पांच सौ व हजार के नोट मान्य होने के साथ ही बिजली उपभोक्ता एडवांस भी जमा कर सकते हैं। जो धनराशि अगले बिल में कम कर दी जाएगी।