असोहा। विकासखंड सभागार में क्षेत्र पंचायत की बैठक में प्रधान व बीडीसी सदस्यों ने सीडीपीओ की कार्यप्रणाली की जमकर बखिया उधेड़ी। यही नहीं असोहा सीएचसी प्रभारी समेत वहां पर तैनात चिकित्सकों के हर समय अनुपस्थित रहने की शिकायतें हुईं इसके बाद भी वहां पर मौजूद जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने सिर्फ जांच कराने का आश्वासन देकर सभी को अभयदान दे दिया। बैठक में पेयजल आपूर्ति सहित बिजली, सड़क व सिंचाई आदि के भी मुद्दे उठे।
शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे डीएम सौम्या अग्रवाल ब्लाक कार्यालय पहुंची। उनके पहुंचने के बाद सभागार में क्षेत्र पंचायत की बैठक शुरु हुई। बीडीसी राकेश बाजपेई ने गांवों में लगे खराब हैंडपंपों के रिबोर न होने व दैवी आपदा से ग्रसित क्षेत्रों में मुआवजा न दिए जाने की शिकायत की।
पूछा कि यह केवल पुरवा क्षेत्र में ही है या अन्य तहसीलों में भी राहत नहीं दी गई। क्षेत्र पंचायत सदस्य सोनू सिंह ने शारदा नहर की मौरावां ब्रांच में दो वर्षों से पानी न आने, गांव में एक दर्जन हैंडपंप खराब होने और बिजली आपूर्ति मात्र एक-दो घंटे होने का मुद्दा डीएम के सामने उठाया। मुबारकपुर प्रधान राजेश ने झकवासा व मुबारकपुर आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालित न होने और हॉटकुक्ड का एक भी दिन वितरण न होने की शिकायत की।
वहां पर मौजूद सीडीपीओ श्रीमान श्रीवास्तव ने बताया कि शासन की ओर से मात्र 15 दिन का ही बजट आया था। यह जवाब सुनते ही वहां पर मौजूद अन्य प्रधान व बीडीसी ने उनके जवाब का खंडन करते हुए कहा कि क्षेत्र की 62 ग्राम पंचायतों में किसी में भी एक दिन हॉट कुक्ड नहीं बना। इस पर डीएम ने सीडीपीओ की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि आप सीनियर अधिकारी हैं। इस तरह के गंभीर आरोप सही नहीं है। जो भी केंद्र संचालित नहीं हो रहे हैं उनकी जांच कराकर कार्रवाई करें।