स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानने के लिए डीएम व एसपी ने नवाबगंज ब्लाक के स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें सीएचसी में जेनरेटर चलता नहीं मिला। यहां तीमारदारों ने महिला डाक्टर के रात में न रुकने की शिकायत की। चमरौली न्यू पीएचसी में दवाएं नहीं मिलीं। पीएचसी प्रभारी को फटकार लगाई और दवाओं का स्टाक पूरा करने के निर्देश दिए।
डीएम सुरेंद्र सिंह सुबह करीब 11 बजे नवाबगंज सीएचसी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले ओपीडी देखी। सब कुछ ठीक मिलने पर महिला वार्ड पहुंचे जहां वार्ड में तीमारदार भानु सिंह ने महिला डाक्टर के न आने की शिकायत डीएम से की। इस पर डीएम ने सीएचसी प्रभारी डा. अखिलेश विक्रम को महिला डाक्टरों की डिटेल भेजने को कहा। जेनरेटर न चलने पूछा तो प्रभारी ने बताया कि अल्टीनेटर खराब है। बनने के लिए भेजा गया है जल्द ही ठीक हो जाएगा। वार्ड में लाइटों की व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उसके बाद डीएम ने डाक्टरों के आवासों को देखा। उन्होंने पुराने अनुपयोगी आवासों को गिराने और नए निर्माण कराने के लिए शासन से वार्ता करने की बात कही। इसके बाद डीएम चमरौली न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पैरासिटामाल टेबलेट कम होने पर नाराजगी जताई। पीएचसी प्रभारी डा. सिद्धार्थ कुमार को तत्काल दवा का स्टाक पूरा कराने के निर्देश दिए। कहा कि कोई दिक्कत है तो जानकारी दें। हिदायत दी कि दोबारा दवाओं के कम होने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
अनुपस्थित मिले डाक्टर व कर्मियों पर होगी कार्रवाई
उन्नाव। एसडीएम बीघापुर ने सीएचसी पाटन का औचक निरीक्षण किया। यहां मौके पर केवल एक डाक्टर ही उपस्थित मिले। सीएचसी प्रभारी सहित अन्य कर्मचारी गायब थे। एसडीएम ने कार्रवाई के लिए डीएम को निर्देश दिए हैं।
नवागत एसडीएम उदयभान सिंह ने शनिवार सुबह 8:50 पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन का औचक निरिक्षण किया। सीएचसी अधीक्षक जकीअहमद शहीद, अनिल कुमार, एमएल रावत, दिवाकर त्रिपाठी, बीना गुप्ता, नवीन सिंह, आदर्श कुमार, जितेंद्र कुमार वर्मा, एसके वर्मा, सभी अनुपस्थित पाए गए। यहां डाक्टरों में समीर कुमार उपस्थित मिले। इस दौरान एसडीएम को अस्पताल परिसर में गंदगी मिली साथ ही पंखे भी खराब मिले। लाइट का भी उचित प्रबंध नहीं था। इस पर उन्होंने उपस्थित डाक्टर को फटकार लगाई। वार्ड का निरीक्षण किया तो उसमें ताला लटक रहा था। अनुपस्थित डाक्टर, कर्मचारियों व अस्पताल व्यवस्था की रिपोर्ट बनाकर उन्होंने कार्रवाई के लिए डीएम को भेजा है।