विभिन्न मांगों के समर्थन में ट्रेड यूनियनों के साथ ही बैंक कर्मियों, लेखपालों व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां हड़ताल पर रहीं। चारों ओर हड़ताल होने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। हड़ताल से जहां बैंकों में करोड़ों का लेनदेन प्रभावित रहा वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के काम पर न जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। लेखपालों की हड़ताल से तहसील संबंधी कार्यों के अलावा अन्य समस्याओं से दो-चार होना पड़ा।
सौ से अधिक कारखानों में नहीं चली मशीनें
आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के बैनर तले जिले की करीब एक सैकड़ा से अधिक औद्योगिक कारखानों की मशीनें नहीं चलीं। इन इकाईयों के सभी श्रमिक पूरी तरह से हड़ताल पर रहे। इसमें जिलेे भर की औद्योगिक इकाईयों के हजारों मजदूर जुलूस के रूप में डीएम कार्यालय पहुंचे और एक सभा आयोजित की। सभा की अध्यक्षता लेदर एंड टेनरी वर्क्स यूनियन अध्यक्ष विनोद भल्ला ने की। इस मौके पर सभी मजदूर अपनी 12 सूत्रीय मांगों को मनवाने की अपील डीएम को दिए गए पीएम को प्रेषित ज्ञापन में की। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से उप्र एमपीडब्ल्यू एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अखिलेश तिवारी, बलवंत सिंह रामगोपाल शर्मा, जेपी वर्मा, मकबूल, रमा, निकेत बाजपेई, नीरज मिश्रा, रेहान, रामचरन, मुश्ताक, हारुन, मिथलेश, जान मोहम्मद, जरार फात्मी, जगदीश, राजबहादुर, उमाशंकर, विनोद सिंह भी मौजूद रहे।
बैंकों में करोड़ों का लेनदेन ठप, एटीएम भी जवाब दे गए
बैंक इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसमें जिले के हजारों बैंक कर्मचारी शामिल रहे। जिले भर की बैंकों में करोड़ों का लेनदेन ठप रहा। वहीं उपभोक्ताओं को बैंकों संबंधित कार्य न होने से काफी मुश्किलें उठानी पड़ीं। दोपहर बाद एटीएम भी जवाब दे गए इससे लोगों रुपयों की जरूरत पूरी करने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हड़ताल में शामिल यूनियन के मंत्री प्रकाश अवस्थी ने कहा कि इस सरकार ने कामगार विरोध श्रम सुधार करने, बुनियादी आवश्कताओं की चीजों की कीमत पर अंकुश लगाने व रोजगार पैदा करने के अवसर के सिर्फ दावे ही किए हैं। इन समस्याओं की ओर से अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं। सरकार के फैसलों को अनुचित व अमान्य करार देते हुए बैंक कर्मचारियों ने सरकार विरोध नारेबाजी भी की। इस मौके पर बुधवीर सिंह, गौरव मिश्रा, विनोद शुक्ला, पीएन सिंह, राकेश, समीर गुप्ता, जगदीश, ओमप्रकाश, अमृतलाल, शिवम बाजपेई, अर्जुन सिंह भी मौजूद रहे।
ग्यारहवें दिन भी तहसीलों में नहीं हुआ काम
लेखपाल संघ की ओर से प्रदेश भर में चल रही लेखपालों की हड़ताल लगातार ग्यारहवें दिन शुक्रवार को भी जारी रही। इसमें जिले भर के लेखपाल कलेक्ट्रेट गेट के पास जमे रहे और सरकार विरोध नारेबाजी करते रहे। लेखपालों की हड़ताल से शुक्रवार को भी तहसील संबंधी कामकाज पर सीधा प्रभाव दिखा। लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने पांच अगस्त को कैंडिल मार्च व छह अगस्त को सरकार की शुद्धि-बुद्धि के लिए हवन करने की बात कही।
कार्यकत्रियां बेमियादी कलमबंद हड़ताल पर
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उप्र के आह्वान पर जिले भर की सभी परियोजनाओं में कामबंद व कलमबंद धरना प्रदर्शन किया गया। इसमें संघ की जिलाध्यक्ष माधुरी कुशवाहा ने कहा कि जब तक शासन की ओर से कार्यकत्रियों की राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने, राज्य कर्मचारी घोषित न किए जाने तक कार्यकत्रियों को 15 हजार व सहायिकाओें को 10 हजार मानदेय देने की मांग की। कहा कि जब तक इन मांगों को माना नहीं जाएगा तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। बताया कि शनिवार को सभी कार्यकत्रियां जिले के सभी ब्लाकों व शहर के विकास भवन में धरना देंगी। इसी क्रम में मियांगंज में आगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। असोहा प्रतिनिधि के अनुसार, पुरवा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत असोहा, पुरवा व हिलौली ब्लाकों की आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिकाओं ने सीडीपीओ कार्यालय के सामने बेमियादी कलमंबद हड़ताल पर बैठीं। इस मौके पर सुषमा देवी, गीता शुक्ला, मुन्नीदेवी, मीरा तिवारी, नीलम पटेल, रामादेवी, फूलमती, बालेश्वरी, गीता, सीमा आंगनबाड़ी कार्यकत्री मौजूद रहीं।