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जिला पंचायत सदस्य को मारपीट कर दिनदहाड़े किया अगवा

Sun, 26 Jul 2015 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव। रुपयों के लेनदेन के विवाद में ठेकेदार और उसके साथी जिला पंचायत कार्यालय में एक सदस्य को मारपीट कर कार में डालकर भाग निकले। दिनदहाड़े अपहरण की घटना से सनसनी फैल गई। अपहर्ताओं ने जिला पंचायत सदस्य को हाइवे स्थित एक इंटर लॉक ब्रिक बनाने वाली फैक्ट्री में बंधक बना लिया।
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पीड़ित के मुताबिक अपहरण करने वालों ने परिजनों और दोस्तों को फोन कर दस लाख रुपये मंगवाने को कहा। रुपये मंगवाने के दौरान ही उसने रुपये लेकर आने का ठिकाना भी बता दिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो दो अपरहणकर्ता भाग निकले जबकि फैक्ट्री मालिक से पुलिस पूछताछ कर रही है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने कार बरामद कर ली है।

आसीवन थानाक्षेत्र के दरिहट गांव निवासी संजय कुमार लोधी फतेहपुर चौरासी द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य हैं। शनिवार दोपहर बाद करीब दो बजे जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे चार-पांच लोग उनके साथ मारपीट करने लगे और जबतक लोग कुछ समझ पाते हमलावर उन्हें अपनी कार में डालकर भाग निकले। घटना की जानकारी हुई तो पुलिस हरकत में आई।
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पुलिस अपहृत जिला पंचायत सदस्य की तलाश कर रही थी तभी संजय के दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी कि संजय को हाईवे स्थित किसी इंटल लॉक ब्रिक फील्ड में बंधक बनाकर रखा गया है। इसके बाद सीओ सिटी गोपीनाथ सोनी, कोतवाली प्रभारी परशुराम त्रिपाठी और एसएसआई एसएन पांडेय तलाश करते हुए एआरटीओ के पास स्थित ब्रिक फैक्ट्री पहुंचे तो संजय वहीं मिले। पुलिस को देखकर ठेकेदार और उसके साथी भाग निकले। पुलिस ने ब्रिक फैक्ट्री मालिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

संजय के मुताबिक जिला पंचायत में कुछ विकास कार्यों के अगले सप्ताह टेंडर होने हैं। शनिवार को वह इसी के सिलसिले में जिला पंचायत कार्यालय आए थे। पीड़ित के मुताबिक दोपहर बाद करीब दो बजे वह कार्यालय में थे तभी हसनगंज निवासी ठेकेदार फरीद अहमद आए और ठेका देने की बात कहने लगे। उसने अपने हिस्से के काम किसी दूसरे ठेकेदार के नाम लिखा देने की बात कही तो फरीद हमलावर हो गया। इसके बाद उसका साथी आरिफ कुछ अन्य साथियों के साथ पहुंच गया और फिर सभी ने उसे उठाकर कार में डाल लिया और भाग निकले।

इस दौरान कार्यालय कर्मचारी व अन्य लोग तमाशाई बने रहे। कार जाने के बाद लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पीड़ित के मुताबिक अपहरण करने के बाद उससे दस लाख रुपये की मांग की गई। फरीद ने कहा कि फोन करके जिससे भी रुपये मंगवाने हैं यहीं मंगवाओ। पीड़ित ने बताया कि जब उसने अपने दोस्तों को फोन पर रुपयों का इंतजाम करके ब्रिक फैक्ट्री पहुंचने को कहा तो दोस्तों ने पुलिस को सूचना दे दी।

पुलिस और तमाम लोग एक साथ फैक्टरी पहुंचे। भीड़ का लाभ उठाकर ठेकेदार फरीद और कानपुर निवासी उसका साथी आरिफ मौके से भाग निकला। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जिला पंचायत सदस्य पर ईंटा व अन्य प्रकार से लिया गया करीब नौ लाख रुपये बकाया था जिसे न देने पर ठेकेदार और उसके साथी ने घटना को अंजाम दिया। सीओ सिटी गोपीनाथ सोनी ने बताया कि घटना संदिग्ध है। तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर घटना की तफ्तीश की जा रही है।
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