उन्नाव। सहकारी समितियों की जमीनों को बेचने की तैयारी की जा रही है। शहर के कब्बाखेड़ा और धवनरोड स्थित समिति की 15,816 स्क्वायर मीटर जमीन चिह्नित की गई है। भूमि का मूल्यांकन करने के लिए गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन से हरी झंडी मिलते ही जमीनों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सहकारिता विभाग की बिगड़ी माली हालत को सुधारने के लिए अब शासन ने विभाग की जमीनें बेचने की तैयारी की है। इससे आने वाले धन का इस्तेमाल विभाग की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए किया जाएगा। बीते दिनों शासन द्वारा प्रदेश भर में सहकारिता विभाग की शीतगृह की जमीनों की बिक्री करने का निर्णय लिया गया।
जनपद में जब इन जमीनों की तलाश शुरू हुई तो यह शहर के कब्बाखेड़ा व धवनरोड में मिल गईं। इन दोनों स्थानों पर जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं। शहर के बीचोंबीच धवनरोड में 9550 स्क्वायर मीटर जमीन शीतगृह की मिली है, जो पूर्व सांसद अन्नू टंडन के घर के ठीक सामने स्थित है।
जबकि कब्बाखेड़ा में 6266 स्क्वायर मीटर जमीन चिह्नित की है। कमेटी ने दोनों जमीनों का मूल्यांकन कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी और डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
12.89 करोड़ रुपये तय हुई कीमत
उन्नाव। कमेटी ने कब्बाखेड़ा स्थित सहकारी समिति की 6266 स्क्वायर मीटर भूमि का मूल्यांकन 1.75 करोड़ किया है। वहीं, धवन रोड स्थित सहकारी समिति की 9550 स्क्वायर मीटर भूमि का मूल्यांकन 11.14 करोड़ रुपये तय किया गया है। दोनों भूमि की कीमत 12.89 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। इतनी रकम से जनपद में सहकारी समिति को संजीवनी मिल सकती है।
वर्जन
कमेटी के माध्यम से बंद पड़े शीतगृहों की भूमि का मूल्यांकन किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट शासन भेज दी गई है। भूमि की बिक्री कब और कैसे की जानी है? इसके लिए उच्चाधिकारियों के जैसे निर्देश मिलेंगे वैसी कार्यवाही की जाएगी। - आरएस सेंगर, सहायक आयुक्त सहकारिता