जिला सूचना अधिकारी कार्यालय में तैनात चौकीदार की रविवार रात वजनी धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। उसका शव कार्यालय के कंप्यूटर रूम में बिस्तर बिछे तख्त पर मिला। परिजन किसी से रंजिश न होने की बात कह रहे हैं।
घटना की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक और सीओ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। सीओ सिटी ने बताया शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ तफ्तीश शुरू कर दी गई है।
रायबरेली जिले के लालगंज थानाक्षेत्र के मधुकरपुर गांव का मूल निवासी राजेंद्र बहादुर सिंह (56) पुत्र रामसिंह करीब बीस साल से जिला सूचना अधिकारी कार्यालय में तैनात था। वह अपने परिवार के साथ रेलवे कॉलोनी के पास मोहल्ला मोतीनगर में किराए के मकान में रह रहा था।
कार्यालय में तैनात मुख्य चौकीदार राजेश कुमार के पिता की तीन दिन पहले मृत्यु होने पर वह छुट्टी लेकर फर्रुखाबाद गया था। शुक्रवार से सहायक चौकीदार राजेंद्र अकेले ड्यूटी कर रहा था। रात को ड्यूटी करने के बाद सुबह जल्दी वह कार्यालय बंद करके घर चला जाता था।
सोमवार सुबह नौ बजे तक घर न पहुंचने पर पत्नी कल्पना सिंह ने भांजे टिंकू को कार्यालय भेजा तो कार्यालय के एक कमरे में ताला और दूसरे में बाहर से कुंडी लगी देख लौट गया।
दस बजे डीआईओ कार्यालय में केयर टेकर के पद पर तैनात अवधेश मिश्रा कार्यालय पहुंचे और कार्यालय खोला तो कंप्यूटर रूम में तख्त पर बिछे बिस्तर पर राजेंद्र को लेटे देखा। वह जगाने के लिए जैसे ही तख्त के पास पहुंचा सन्न रह गया। बिस्तर पर राजेंद्र का खून से सना शव पड़ा था।
उन्होंने प्रभारी डीआईओ/जिला प्रशिक्षण अधिकारी धीरेंद्र कुमार और सहायक जिला सूचना अधिकारी बीएल यादव को सूचना देकर बुलाया। इसके बाद अधिकारियों ने कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना दी।
सूचना अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी की हत्या की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी परशुराम त्रिपाठी और कई दरोगा व चौकी इंचार्ज के साथ मौके पर पहुंचे और तफ्तीश शुरू की। इसी दौरान मृतक की पत्नी कल्पना और बेटी भी पहुंच गई। अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन यादव और सीओ सिटी गोपीनाथ सोनी भी मौके पर पहुंचे और तफ्तीश की।
सीओ सिटी गोपीनाथ सोनी ने बताया कि कई बिंदुओं पर घटना की तफ्तीश की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
चौकीदार राजेंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद हत्या में किसी नजदीकी का हाथ होने की आशंका है। हालांकि पुलिस अभी खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। कोतवाली पुलिस के मुताबिक मृतक के परिजन अभी ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि उनसे पूछताछ की जा सके।