डीआईजी प्रवीण कुमार बुधवार सुबह अचानक पुलिस लाइन पहुंचे। जानकारी हुई तो पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने पुलिस लाइन व एसपी कार्यालय का निरीक्षण किया। गंदगी और जलभराव देख नाराज हुए और उन्होंने सफाई प्रभारी को निलंबित करने के निर्देश दिए। एसपी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान हजारों विवेचनाएं लंबित होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए शीघ्र निस्तारण को कहा। इस दौरान उन्हाेंने शिकायतें लेकर पहुंचे लोगों से प्रार्थनापत्र लेकर समस्या सुनी और उनके निस्तारण के निर्देश दिए।
डीआईजी प्रवीण कुमार सुबह 10 बजे पुलिस लाइन पहुंचे। यहां उन्होंने बैरक, शस्त्रागार, भोजनालाय, शौचालय, पुलिस अस्पताल व अन्य अनुभागों के अलावा परेड ग्राउंड भी देखा। सफाई ठीक न मिलने पर सफाई प्रभारी हेड कांस्टेबल प्रेम सागर को निलंबित करने के निर्देश दिए। उसके बाद वह एसपी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने लंबित विवेचनाआें की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने 1102 विवेचनाएं लंबित पाईं। वहीं हत्या की 11 और लूट की 16 घटनाओं का खुलासा न होने पर विवेचकों से स्पष्टीकरण करण तलब करने के निर्देश दिए।
डीआईजी ने एसपी कार्यालय के सभी अनुभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा शासन की प्राथमिकता के आधार पर काम करें। जनता और पुलिस के बीच की दूरी खत्म हो और पुलिस खुद को जनता का मित्र बनकर काम करें। थाने और चौकी में कोई पीड़ित अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो उसे सम्मान दें और पूरी बात सुनकर समाधान करें। डीाईजी ने सोशल मीडिया पर भी नजर रखने को कहा। बताया सोशल मीडिया से अफवाह फैलाकर शरारती तत्व माहौल बिगाड़ सकते हैं। डीआईजी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि मीडिया से पारदर्शिता बनाए रखें। इस दौरान एएसपी आरएस गौतम, सीओ हृदेश कठेरिया, कोतवाल आईपी सिंह व अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
तीन माह से दौड़ा रही पुलिस
फरियादियों से मुलाकात करते समय सदर कोतवाली के मोहल्ला प्रयाग नारायण खेड़ा निवासी मन्नो पत्नी फुरकान ने डीआईजी को बताया कि जनवरी महीने में बिहार थानाक्षेत्र के गांव भोजपुर निवासी मो. इमरान पुत्र हसीन ने पति व देवर को विदेश जाने में लगने वाले वीजा व पासपोर्ट बनवाने के नाम पर 90 हजार रुपये लिए थे। पैसा भी ले लिया और काम भी नहीं हुआ। रिपोर्ट लिखवाने के लिए वह तब से बिहार थाने व एसपी कार्यालय के चक्कर काट रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।