डायल 100 सेवा के लिए छह नवंबर को शुरू हुई पुलिस कमियों की ट्रेनिंग बुधवार को पूरी हो गई। अंतिम दिन सभी सीओ और एसओ को भी ट्रेनिंग दी गई।
इस सेवा के लिए आरक्षित किए गए पुलिस कर्मियों की ट्रेनिंग बुधवार को पूरी हो गई। अब जीपीएस सिस्टम, वायरलेस व अन्य आधुनिक तकनीकों से लैस गाड़ियां मिलने का इंतजार है। ट्रेनर एसआई मो. मन्नान ने बताया कि प्रदेश सरकार की इस सेवा के शुरू होने से लोगों को राहत मिलेगी। 100 नंबर डायल कर शिकायत दर्ज कराने के पंद्रह मिनट के भीतर पुलिस घटनास्थल पर होगी। उन्होंने बताया कि स्टेट कंट्रोलरूम (एससीआर) 100 नंबर के अलावा 101, 108 और 1090 की शिकायतें भी दर्ज कर तत्काल सेवा उपलब्ध कराएगा।
एसपी ने नेहा पांडेय ने बताया कि उन्नाव जिले में यह सेवा तीसरे फेज में लागू होगी। पहले चरण में लखनऊ समेत 11 जिलों में शुरुआत हो चुकी है। यहां 15 दिसंबर तक गाड़ियां उपलब्ध हो जाएंगी। कुल 51 चार पहिया वाहन मिलेंगे। इनमें 38 बोलेरो और 13 इनोवा शांमिल हैं। उन्होंने बताया कि इससे पुलिस के पास सूचना और परिवहन के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो जाएंगे। इस मौके पर प्रशिक्षक एसआई मो. मन्नान, एसआई दयाशंकर द्विवेदी, सेवा उपलब्ध कराने वाली एजेंसी महिंद्रा डिफेंस के पांच ट्रेनर शामिल रहे।
प्रोन्नति पाकर इंस्पेक्टर बने चार एसआई को एसपी ने उनकी वर्दी में तीसरा स्टार लगाया। पूरे मनोयोग से कर्तव्य निभाने और ईमानदारी पूर्वक पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रण दिलाया। प्रोन्नति पाने वालों में अचलगंज एसओ मनोज कुमार सिंह, मौरावां एसओ संजय कुमार पांडेय, माखी एसओ मनोज कुमार मिश्रा और अरुण प्रताप सिंह शामिल हैं।