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पाबंदियों के बीच भक्तों ने किए भगवान के दर्शन

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शहर के बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन करते सदर विधायक पंकज गुप्ता व अन्य। - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। लॉकडाउन के कारण ढाई माह बाद सोमवार को मंदिरों के ताले तो खोले गए लेकिन भक्तों को पाबंदियों के बीच ही भगवान के दर्शन हो सके। कई मंदिरों में भक्तों को संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए। वहीं, शहर के बंद मॉल भी खुल गए लेकिन ग्राहकों की संख्या कम ही रही। जो भी ग्राहक आए उन्हें हैंड सैनिटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया।
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सोमवार सुबह शहर के बड़े हनुमान मंदिर के बंद ताले खुले। पुजारी ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई कराकर सैनिटाइज कराया। वहीं, भगवान का शृंगार पूजन कर भोग लगाया। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने मंदिर पहुंचकर पवनपुत्र के दर्शन किए। मंदिर व्यवस्थापकों ने श्रद्धालुओं से परिसर में बनाए गए गोले में ही खड़े होने और आपसी दूरी बनाए रखने का अनुरोध किया गया। बिना मास्क के पहुंचे दर्शनार्थियों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया। बाईपास स्थित पूर्णा देवी धाम मंदिर में भक्तों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। मगरवारा स्थित गोकुलबाबा मंदिर में भक्तों को शिवलिंग का स्पर्श नहीं करने दिया गया। सिर्फ दूर से ही दर्शन करने की व्यवस्था की गई। भक्तों ने गेट पर ही फूल चढ़ाकर दूर से भोलेनाथ के दर्शन किए।
नहीं खुले मस्जिद व चर्च
सोमवार से मंदिर तो खुल गए लेकिन मस्जिद व चर्च नहीं खुले। शहर काजी मौलाना निसार अहमद मिस्बाही ने कहा कि प्रशासन ने केवल पांच व्यक्तियों को ही मस्जिद में प्रवेश की अनुमति दी है। इसी कारण मस्जिद नहीं खोली गई है। लोगों से घरों में ही रहकर नमाज पढ़ने को कहा गया है। उधर, चर्च भी नहीं खोला गया। उधर, बांगरमऊ शहर काजी सैयद जियाउल आरफ ीन ने बताया कि शासन ने 8 जून से सशर्त धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी गई है। इसका वह स्वागत करते हैं लेकिन गाइडलाइन के अनुसार मस्जिदों और दरगाहों में अकीदतमंदों का प्रवेश करा पाना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि नमाज का एक निर्धारित समय होता है। जिसमें सभी नमाजी इमाम के पीछे एक साथ नमाज अदा करते हैं। अलग-अलग नमाज पढ़ने के लिए नमाजियों को राजी कर पाना मुश्किल होगा। इसलिए जब तक पूर्ण रूप से अनलॉक की घोषणा नहीं हो जाती है तब तक मस्जिदों में तालाबंदी ही रहेगी। दरगाह मीरा शाह बाबा के सदर सैय्यद मोहम्मद गयासुद्दीन उर्फ गौसी मियां ने भी यही बात कही। वहीं, दूसरी ओर राजराजेश्वरी मंदिर के पुजारी रामजी त्रिवेदी तथा बोधेश्वर मंदिर के पुजारी सेवा चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने बताया कि शासन द्वारा जारी निर्देशों का पूर्णतया पालन करने के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिलेगा।
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मॉल खुले पर रेस्टोरेंट नहीं
सोमवार से शहर के बड़ा चौराहा स्थित मॉल खोला गया। ग्राहकों को नियमों का पालन कराते हुए प्रवेश दिया गया। मॉल के गेट पर ही ग्राहकों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान ग्राहकों के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप देखा गया। सभी के नाम, पता व मोबाइल नंबर भी नोट किए गए। वहीं, मॉल के अंदर के ट्रायल रूम को बंद रखा गया। इसके अलावा शहर के बड़े रेस्टोरेंट नहीं खुले।
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