पेशी के दौरान बंदियों को खानपान सामग्री देने से
परिजनों को पुलिस ने रोका तो बंदियों ने कोर्ट हवालात में हंगामा शुरू कर
दिया। हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
बंदियों ने हवालात
में पानी न होने पर आक्रोश जताया। पुलिस ने पानी की व्यवस्था कराई तब जाकर
बंदी शांत हुए। इस दौरान करीब आधा घंटा तक बंदियों की कोर्ट पेशी बाधित
रही।
मंगलवार को करीब पचास बंदियों को न्यायालय पेशी पर लाया गया था। इस
दौरान परिजन कोर्ट हवालात और बंदी वाहनों में बंदियों को नाश्ता, फल और
पानी पहुंचाने लगे।
हवालात ड्यूटी में तैनात दरोगा गोकरन नाथ पांडेय ने
परिजनों को खानपान सामग्री देने से रोक दिया। बंदियों और उनके परिजनों के
बार-बार कहने पर भी पुलिसकर्मी नहीं माने तो बंदियों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सभी बंदियों ने पेशी पर जाने से
इनकार कर दिया। सूचना पर दरोगा दयाशंकर द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर
पहुंचे। उन्होंने बंदियों को शांत कराया।
बंदियों
ने आरोप लगाया कि उनके परिजन बाहर से पानी लाकर दे रहे हैं तो पुलिस उन्हें
रोक रही है। इसके बाद एसआई ने हवालात के बाहर रखे मटके और बाल्टी में पानी
की व्यवस्था कराई।
पानी पीने के बाद बंदी शांत हुए। एसआई दयाशंकर द्विवेदी
ने बताया कि पेशी के दौरान बंदी से मुलाकात करना या खाने या पीने की
सामग्री उन तक पहुंचाना नियमों के खिलाफ है।
सुरक्षा ड्यूटी में तैनात
पुलिस कर्मियों ने रोक दिया। इसी बात को लेकर बंदियों ने शोर - शराबा शुरू
कर दिया था। बाद में सभी को शांत करा दिया गया है।