उन्नाव। जिला विकास प्रबंधन नाबार्ड द्वारा आयोजित बैंकर्स जागरुकता कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएम रवींद्र कुमार ने की। इस दौरान विभिन्न बैंकों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड समेत अन्य योजनाओं में लोन आवेदन अस्वीकृत किए जाने की जानकारी मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। कहा कि एक स्वतंत्र संस्था द्वारा अस्वीकृत लोन की जांच कराएंगे। यदि किसी शाखा प्रबंधक ने बिना ठोस आधार के ऋ ण अस्वीकृत किया है तो ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी व अग्रणी जिला प्रबंधक को दिए जाएंगे।
नाबार्ड की डीडीएम ऋचा बाजपेयी ने डीएम को बताया कि वार्षिक ऋ ण योजना 2019-20 का लोन प्रतिशत कृषि एवं लघु उद्योग क्षेत्र में लक्ष्य के सापेक्ष 60 प्रतिशत ही है। जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। अग्रणी जिला प्रबंधक एवं उपस्थित बैंकर्स से वार्षिक ऋ ण योजना की कम प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। निर्देश दिए कि अगले दो माह में वार्षिक ऋ ण योजना का लक्ष्य पूरा करें तथा अधिक से अधिक जरूरतमंदों को बैंक ऋ ण उपलब्ध कराएं। पशुपालन एवं मत्स्य से संबंधित ऋ ण लक्ष्य के सापेक्ष बहुत कम होने पर भी डीएम नाराज हुए। बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी किसान केसीसी लेने आता है तो बिना किसी भेदभाव के उन्हें ऋ ण दिया जाए। डीएम ने कहा कि इसमें भेदभाव करने पर बैंक अफसरों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।