72,825 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत प्राथमिक विद्यालयों में तैनात किए गए प्रशिक्षुओं को मौलिक नियुक्ति मिलना तो दूर मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराज प्रशिक्षुओं ने पढ़ाई का बहिष्कार कर बीएसए कार्यालय के बाहर सुबह धरना प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षु जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रशिक्षु टीचर समय से विद्यालय जाकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उसके बाद भी उन्हें सहायक टीचर के पद पर मौलिक नियुक्ति नहीं दी जा रही है। अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। शासन की ओर से छह माह का प्रशिक्षण सफलता पूर्वक करने के बाद प्रशिक्षुओं को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त किया जाना था।
छह माह की जगह नौ माह का समय बीत चुका है लेकिन मौलिक नियुक्ति नहीं दी गई है। इतना ही नहीं प्रशिक्षुओं को महीने में मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। इससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। यहां प्रशिक्षुओं ने निर्णय लिया कि जब तक प्रशिक्षुओं की मांगे पूरी नहीं हो जातीं वह कार्य बहिष्कार करेंगे और शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद में 12 अक्तूबर से चल रहे धरने में शामिल होने जाएंगे।
धरना समापन के बाद सायं तीन बजे प्रशिक्षुओं ने मांगों से संबंधित ज्ञापन बीएसए को दिया। यहां अमित श्रीवास्तव, प्रतिभा वर्मा, राजीव वर्मा, रंजू कटियार, यादवेंद्र यादव, संजय सोनी, सुरेंद्र स्वाभिमानी, जितेंद्र श्रीवास्तव, विवेक शुक्ला, सारिका उमराव, स्मृति श्रीवास्तव, सिंधुजा, तृप्ति खरे समेत आधा सैकड़ा प्रशिक्षु मौजूद रहे।