थाना गांव में दो युवकों की मौत से मातम छाया हुआ है। एक युवक सैनिक बनकर देशसेवा की हसरत पाले हुए था तो दूसरा मेडिकल स्टोर पर काम करने के साथ ही स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। दोनों युवकों की मौत ने पूरे गांव को हिला दिया है।
बताया जाता है कि आनंद सैनिक बनना चाहता था। इस वजह से वह रोज सुबह दौड़ लगाने के लिए निकलता था। रोज की तरह वह गांव में ही रहने वाले कुछ दोस्तों के साथ सुबह करीब पांच बजे दौड़ने निकला था। सुबह करीब छह बजे गांव के निकट पुलिया के पास सभी लोग पहुंचे, जहां उसके साथी मोहित, पंकज, वासू व एक अन्य पुलिया पर बैठकर आराम करने लगे। दोस्तों को बैठा देख आनंद भी उनके पास खड़ा हो गया।
इसी दौरान उन्नाव से हरदोई की ओर जा रही तेज रफ्तार स्कूली बस ने आनंद को टक्कर मार दी। साथियों ने बस को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन चालक तेजी से भाग निकला। दोस्त आनंद को गांव लेकर जा रहे थे कि उसकी मौत हो गई। एक साथी ने बस का नंबर नोट कर लिया। मृतक के पिता ने उसी नंबर की बस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। परिजनों ने बताया कि आनंद कानपुर के डीएवी कालेज में बीए प्रथम वर्ष का छात्र था और चार भाइयों में तीसरे नंबर का था।
काफी गरीबी में पला बढ़ा आनंद सेना में भर्ती होकर देश और परिवार के लिए कुछ करना चाहता था। मां केतकी समेत अन्य परिजनों का का रो-रोकर बुरा हाल रहा। माखी एसओ देवेंद्र यादव ने बताया कि मुकदमा पंजीकृत किया गया है। वहीं दूसरी घटना में उन्नाव रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से कटने वाला युवक अभयदीप कानपुर में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही एक मेडिकल स्टोर में काम करता था।
रोज की तरह बुधवार सुबह घर से कानपुर जाने के लिए उन्नाव रेलवे स्टेशन जा रहा था। प्लेटफार्म नंबर तीन पर कानपुर से लखनऊ की ओर जा रही राप्तीसागर एक्सप्रेस की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने बताया कि अभयदीप दो भाइयों में बड़ा था और पढ़ाई के साथ ही परिवार की जिम्मेदारी भी संभालने लगा था।