एपीएल कार्डधारकों को अतिरिक्त और अतिरिक्त
बीपीएलकार्डधारकों (महामाया) को नियमित गेहूं वितरण के लिए जिला प्रशासन
द्वारा निर्धारित किए गए विशेष वितरण दिवस को जिले के कोटेदारों ने ठेंगा
दिखाया। जनपद की अधिकांश राशन की दुकानें बंद रहीं। किसी ने अतिरिक्त गेहूं
न मिलने की बात कही तो कुछ ने पहले ही वितरण कर देने की बात कहकर अपना
बचाव किया।
इस माह एपीएल कार्डधारकों को अतिरिक्त गेहूं के वितरण के
लिए 15 व 16 दिसंबर विशेष वितरण दिवस निर्धारित किए गए थे। इस दौरान
एपीएलकार्ड धारकों को अतिरिक्त 11 किग्रा. गेहूं 7 रुपए प्रति किग्रा. और
अतिरिक्त बीपीएल परिवारों (महामाया) को केवल नियमित गेहूं 5 किग्रा. पांच
रुपए प्रति किग्रा. के रेट से वितरित किया जाना था।
वितरण दिवस के पहले दिन
कितनी राशन की दुकानें खुली इसका पता लगाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में
ताला ही लटका मिला। परियर में सिकन्दरपुर सरोसी के कटरी मरौंदा मझवारा में
कोटे की दुकान पर जाकर वितरण में कोटेदार अतिरिक्त गेहूं नहीं बांट रहा है।
औरास प्रतिनिधि के अनुसार, पहले वितरण दिवस पर लोधई गांव की कोटे की दुकान
बंद थी। वहीं कस्बे औरास के कोटेदार लालता प्रसाद भी अपनी दुकान बंद किए
थे। पूछने पर बताया कि राशन पहले ही बांट दिया है। असोहा संवाददाता ने
विकासखंड की तूरी और मेदपुर, मिर्जापुर सुंभारी, बेहटा सुंभारी और भादिन की
कोटे की दुकान पर पहुंचकर वितरण की स्थिति पता की।
जानकारी हुई कि इन
ग्रामपंचायतों के किसी भी कोटेदार ने राशन नहीं बांटा है। भादिन के कोटेदार
शिवशंकर ने बताया कि उन्हें ब्लाक से अतिरिक्त राशन नहीं मिला है।
बीघापुर
विकासखंड की ग्रामसभा कटरा, अमरपुर आंव, इंदामऊ व पाही आदि की राशन की
दुकानें पहले वितरण दिवस पर बंद रहीं। कटरा में कोटेदार चन्द्रभान ने राशन
वितरण नहीं किया। अमरपुर आंव के कोटेदार ने बुधवार को राशन बांटने की बात
कही। पाही में कोटे की दुकान बंद थी। कोटेदार नहीं मिले। इंदामऊ के कोटेदार
राजकुमार ने भी राशन नहीं बांटा। ग्रामीणों ने बताया कि अभी दुकान बंद
करके गए हैं।
विशेष
वितरण दिवस पर जिन कोटेदारों ने दुकानें बंद रखी और राशन नहीं बांटा है
उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राशन वितरण में लापरवाही किसी भी कीमत पर
बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बुधवार को विभाग की टीमें खुद निकलकर औचक निरीक्षण
करेंगी और वितरण दिवस पर राशन बांटने की हकीकत परखेंगी।