बच्चे की मौत के बाद बिलखते परिजन।
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थाना क्षेत्र के तालासरांय गांव के पास से निकले लखनऊ-कानपुर आगरा एक्सप्रेस वे में मिट्टी भरान के लिए खोदा गया गड्ढा किशोरी की जान ले बैठा। किशोर सोमवार सुबह जानवर चराने गया था। पानी भरे खड्ड में गई भैंस को निकालने में किशोर डूब गया। राहगीरों ने शव उतराता देख परिजनों को जानकारी दी। गड्ढा खुला छोड़ने से आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। पुलिस ने सभी को समझाकर शांत किया। शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया इससे पहले भी आगरा-एक्सप्रेस वे कई लोगों की जान ले चुका है।
थाना क्षेत्र के तालासरांय गांव निवासी बाबूलाल का पुत्र अजीत (14) सोमवार दोपहर जानवर चराने गांव के बाहर खेतों की ओर गया था। गांव के पास से ही लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे निकला है। इस पर मिट्टी भरान के लिए कार्यदायी संस्था की जेसीबी ने खेत को खोदकर 18 फीट का गहरा गड्ढा बना दिया। मिट्टी निकालने के बाद गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया। इसमें बरसात का पानी भर गया है। अजीत की एक भैंस चरते हुए पानी भरे खड्ड में गिर गई। भैंस को निकालने की कोशिश में अजीत खड्ड में गिर गया। कुछ देर बाद गांव के लोगों ने उसका शव खड्ड में उतराता देख परिवार के लोगों को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजन शव देखकर बदहवाश हो गए।
मिट्टी खनन के बाद गड्डा खुला छोड़ने से नाराज परिजनों ने मौके पर ही हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों भी परिजनों के पक्ष में उतर आए। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का भरोसा दिला परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। ग्रामीणों का कहना है कि जून 2015 में आगरा-एक्सप्रेस की जेसीबी ने गांव के पप्पू को कुचल दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। सोमवार को बांगरमऊ थाना क्षेत्र में भी एक्सप्रेस वे निर्माण में लगे डंपर ने तीन लोगों की जाने ली थी।