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निमोनिया पीड़ित बच्चे की मौत, नर्सिंगहोम में हंगामा

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शहर के कब्बाखेड़ा एक नर्सिंगहोम में मृत बच्चे सतेंद्र की रोती बिलखती मां संगीता देवी । - फोटो : UNNAO
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फोटो नंबर, 28, 29
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निमोनिया पीड़ित बच्चे की मौत, नर्सिंगहोम में हंगामा
-बच्चे की मौत होने के बाद दूसरे अस्पताल में रेफर करने का आरोप
-डॉक्टर बोले, बच्चे की हालत खराब होने की पहले ही दी थी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। शहर के मोहल्ला कब्बाखेड़ा स्थित एक चर्चित नर्सिंगहोम में निमोनिया पीड़ित 3 माह के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बच्चे की मौत होने के बाद भी डॉक्टर द्वारा दूसरे अस्पताल रेफर करने और रुपये ऐंठने का आरोप लगा जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर परिजनों को शांत कराया। डॉक्टर ने आरोपों को निराधार बता, सीसीटीवी फुटेज पुलिस को देने की बात कही है।
मौरावां थाना क्षेत्र के टोपर गांव निवासी मोहित कुमार की पत्नी संगीता(35) पछले चार माह से अपने मायके पुरवा कोतवाली क्षेत्र के चमियानी के मजरा राजाखेड़ा में रह रही थी। पिछले चार दिन से उसके तीन माह के बेटे सत्येंद्र को को सर्दी, जुकाम के साथ बुखार आ रहा था। गुरुवार को संगीता पिता श्यामलाल के साथ बच्चे को लेकर शहर के मोहल्ला पीडी नगर स्थित एक डॉक्टर के पास पहुंची। डॉक्टर ने शहर के मोहल्ला कब्बाखेड़ा स्थित नर्सिंगहोम ले जाने को कहा। दोपहर 12 बजे परिजनों ने बच्चे को नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। शुक्रवार शाम लगभग 7 बजे बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्चे की मौत पर परिजनों ने नर्सिंगहोम के डॉक्टर पर रुपये ऐंठने के लालच में इलाज में लापरवाही का आरोप लगा जमकर हंगामा किया। मृत बच्चे के नाना श्यामलाल का आरोप है कि भर्ती करते वक्त डॉक्टर ने 4 हजार और शुक्रवार सुबह 11 बजे 15 हजार रुपये जमा करा बच्चे की हालत में सुधार की बात कही। शाम लगभग 7 बजे बच्चे की मौत के बाद उसे गंभीर बता दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर परिजनों को शांत कराया।
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नर्सिंगहोम संचालक डॉक्टर का कहना है कि शाम को बच्चे की हालत खराब थी। परिजनों को इसकी जानकारी देकर अन्य जगह ले जाने को कहा गया था। मृत बच्चे को भर्ती रखने का आरोप गलत है। कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि परिजन तहरीर देते हैं तो जांच करा कार्रवाई की जाएगी।
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