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Unnao News: अधर्म के रास्ते से बेहतर मौत, इमाम ने दिया था पैगाम

Sun, 17 Aug 2025 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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फोटो-9-  मजलिस को संबोधित करते मौलाना वकार रिजवी। संवाद
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सफीपुर (उन्नाव)। करबला में 71 साथियों समेत शहीद मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन के चेहल्लुम के मौके पर मजलिस का आयोजन किया गया। साथ ही जुलूस निकाल ताजिए करबला में सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
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कस्बे के मोहल्ला हाताबाजार स्थित महमूद अहसन के इमामबाड़े में आयोजित मजलिस को संबोधित करते मौलाना वकार रिजवी ने कहा कि इमाम ने शहादत देकर इतना बड़ा पैगाम दिया कि अधर्म के मार्ग पर चलने से बेहतर मौत है। इमाम हुसैन शहीद होकर भी जिंदा है और अधर्मी शासक यजीद का नाम लेने वाला तक कोई नहीं है। मजलिस के बाद विभिन्न शहरों से आए शायर शाहनवाज खान, डॉ. नायाव, नवाब, इफहाम व मोहान के अजहर ने भी शहीदों की शान में नौहे पढ़े।
संचालन जाहिद काजमी ने किया। मजलिस के बाद अंजुमन इमामिया ने ताजिए का जुलूस उठाया, जिसे कस्बे के विभिन्न रास्तों से गुजार कर करबला पहुंचाया गया। जहां ताजिए सुपुर्द-ए-खाक किए गए। आयोजक गुफरान अली व सैफी ने प्रसाद बांटा। इसी तरह ब्लाक मियागंज में इमाम हुसैन सहित 72 शहीदों के चेहल्लुम के मौके पर ताजिए जुलूस उठाकर करबला तक ले जाए गए।
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जुलूस के दौरान अंजुमन के सदस्यों ने नौहे पढ़ते हुए मातम किया। जुलूस विभिन्न मोहल्लों से गुजरकर रात करीब आठ बजे गांव के बाहर करबला पहुंचा, जहां ताजिए दफन किए गए। इस मौके पर हाफिज गुलाम शहीद, शरीफ आलम, मईनुद्दीन, रियाज, मकसूद, तालिब हुसैन, यादगार, आकिल खान, मुजीब खान आदि मौजूद रहे।
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