गांव से करीब एक किमी दूर झील किनारे सिंघाड़े की फसल की रखवाली कर रहे वृद्ध पर देर रात अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। पास में दूसरी झोपड़ी में लेटे भतीजे की नींद खुली तो उसने वृद्ध के कराहने की आवाज सुनी।
परिजन गंभीर हालत में उसे नर्सिंग होम ले गए जहां इलाज के दौरान वृद्ध की मौत हो गई। मृतक के बेटे ने हत्या की आशंका जताते हुए पुरवा कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कह रही है।
अचलगंज थानाक्षेत्र के तारगांव निवासी सुंदरलाल (60) ने अपने भतीजे गणेश पुत्र रामसेवक के साथ मिलकर गांव से करीब एक किमी दूर रैना झील में सिंघाड़ा की फसल बोई थी। रविवार रात को सुंदरलाल और उसका भतीजा गणेश वहीं झील के पास सोए थे।
गणेश के मुताबिक रात करीब बारह बजे उसकी नींद खुली तो उसने चाचा के कराहने की आवाज सुनी। पास पहुंचा तो चाचा गंभीर हालत में जमीन पर पड़े थे और चेहरे व शरीर पर चोट के निशान थे। उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया।
कमलेश के मुताबिक उसने चाचा सुंदरलाल को साइकिल में बैठाकर गांव लेकर गया और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने घायल को दही चौकी के पास स्थित एक नर्सिंग होम लेकर गए, मगर वहां डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद पीडी नगर स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया।
जहां प्राथमिक उपचार के दौरान ही सुंदरलाल की मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव चले गए और सुबह अचलगंज थाने में सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल अजगैन बताकर लौट गई। काफी दौड़ भाग के बाद नवाबगंज चौकी पुलिस पहुंची और घटना स्थल पुरवा कोतवाली क्षेत्र बताकर लौट गई।
इसके बाद परिजन पुरवा कोतवाली पहुंचे और कोतवाली प्रभारी आशुतोष त्रिपाठी को घटना की जानकारी दी। पुरवा कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाली प्रभारी आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि मृतक के बेटे अशोक ने घटना की तहरीर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।