फतेहपुर चौरासी। हरदोई-उन्नाव मार्ग से निकले कठिघरा संपर्क मार्ग पर मंगलवार सुबह दिव्यांग युवक का शव मिला। उसके सिर और सीने में चोट लगी थी। पोस्टमार्टम में गिरने से मौत की पुष्टि हुई है। सीने और सिर में चोट की पुष्टि हुई है।
सफीपुर कोतवाली के गांव लच्छीखेड़ा निवासी रामखिलावन का पुत्र सुदामा ऊर्फ लुझरी (30) बाएं हाथ से दिव्यांग था। वह भीख मांगकर और अपने दृष्टिबाधित पिता का पेट भरता था। मंगलवार सुबह उसका शव कठिघरा संपर्क मार्ग मोड़ पर रामचंद्र के खेत में मिला। सोमवार को कठिघरा गांव निवासी इंसाफ अली की दो बेटियों की बरात मंगलीखेड़ा और लच्छीखेड़ा से आई थीं। लच्छीखेड़ा से आई बरात के लिए नाश्ते की व्यवस्था हरदोई-उन्नाव मार्ग के किनारे थी। लोगों ने सुदामा को रात में नाश्ता करते देखा था। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वहां से निकलने के दौरान किसी वाहन की टक्कर से मौत हुई है।
कठिघरा गांव निवासी राजू ने पुलिस को सूचना दी। मृतक का पिता भी आंखों से दिव्यांग हैं। बेटे की मौत की सूचना पर पहुंचे पिता ने पुलिस को बताया कि सोमवार को वह बेटे के साथ माढ़ापुर गांव में थे। दोपहर को सुदामा 130 रुपये लेकर कर पैदल चला आया था। बताया कि वह शराब भी पीता था। प्रभारी निरीक्षक राजेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि वाहन से दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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15 साल से एक-दूसरे का सहारा थे पिता-पुत्र
बेटे की मौत से आंखों से दिव्यांग पिता रो-रोकर बेहाल हैं। आंखों से न दिखने से वह बेटे के सहारे इधर-उधर भीख मांग कर अपना और बेटे का पालन पोषण करते थे। 15 साल पहले पत्नी के छोड़कर जाने से पिता-पुत्र एक दूसरे का सहारा बने थे। बेटे की मौत से पिता के चलने फिरने की भी समस्या हो गई है।