उन्नाव। प्रशिक्षु टीचरों की परीक्षा न कराए जाने से नाराज हो शुक्रवार को डायट कार्यालय में ताला डालकर विरोध प्रदर्शन किया। डायट प्राचार्या के न आने तक उनका विरोध जारी रहा। शाम लगभग पांच बजे प्राचार्या के आने के बाद अपनी मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा। इसके पहले प्रशिक्षु डीएम से मिले थे।
लगभग एक सौ प्रशिक्षु दोपहर लगभग दो बजे डायट पहुंचे। यहां डायट प्राचार्या नहीं थीं। वहां मौजूद प्रवक्ताओं ने भी उनकी बात नहीं सुनी। इससे नाराज प्रशिक्षुओं ने गेट में ताला डाल दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। प्राचार्या से फोन पर बात करने के बाद उनके आने तक धरना जारी रहने और गेट का ताला न खुलने की बात कही। शाम लगभग पांच बजे जब डायट प्राचार्या सुशीलादास आईं तब जाकर गेट का ताला खुल सका।
प्रशिक्षुओं का कहना था कि छह माह का प्रशिक्षण सात माह से चल रहा है। प्रशिक्षुओं ने क्रियात्मक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सैद्धांतिक प्रशिक्षण के लिए जिले की विभिन्न बीआरसी पर 21 मई 2015 को ज्वाइन किया। 22 मई को प्रशिक्षण बिना किसी तार्किक कारण के रोक दिया गया। प्रदर्शन करने पर 28 मई से फिर प्रशिक्षण शुरू हुआ। शासन से पता किया गया तो यह जानकारी हुई कि प्रशिक्षण रोकने की शासन से कोई अनुमति नहीं ली गई।
इतना ही नहीं प्रशिक्षुओं का छह माह का मानदेय भी काटा गया। अब जब सैद्धांतिक व क्रियात्मक प्रशिक्षण पूरा हो चुका है तब 24 व 25 अगस्त को होनी वाली परीक्षा से हम लोगों को विभागीय लापरवाही के कारण वंचित रखा जा रहा है। विभाग कह रहा है कि हमारा प्रशिक्षण पूरा नहीं है जबकि 21 मई से 20 अगस्त तक तीन माह की अवधि पूरी हो चुकी है। प्रशिक्षुओं ने डीएम से समस्या का निस्तारण करने एवं जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान प्रशिक्षुओं में सारिका उमराव, शैलेंद्र कुमार शुक्ल, राजकुमार, विष्णुकांत, अमित श्रीवास्तव, नेहा, नेहा श्रीवास्तव, विरुचि आदि रहे।