शहर की आवास विकास कालोनी के बी ब्लॉक स्थित एक घर में गुरुवार दोपहर रसोई गैस सिलिंडर का पाइप फटने से आग लग गई। मुंडन कार्यक्रम के लिए खाना बना रही मां-बेटी समेत चार महिलाएं आग की चपेट में आने से झुलस गई। घर की दूसरी मंजिल पर लगी आग नीचे के कमरों तक फैल गई। जिससे सामान भी जल गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। झुलसी महिलाओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
आवास विकास कालोनी बी ब्लॉक निवासी राजेश दीक्षित की बेटी राशी का गुरुवार को मुंडन था। रिश्तेदारों के लिए राजेश घर की दूसरी मंजिल पर खाना बनवा रहे थे। खाना बनाने के लिए उन्होंने बी ब्लॉक निवासी क्षमा (35) पत्नी विजय शंकर व उसकी बेटी मौसम (14) को बुलाया था। राजेश की बहन सीमा शुक्ला (40) पत्नी सुनील शुक्ला निवासी सिविल लाइंस व रिश्ते में बहू रीना दीक्षित (35) पत्नी शैलेश खाना बनाने में क्षमा व मौसम की मदद कर रही थी। तभी सिलिंडर में लगी पाइप में गैस रिसाव होने लगा।
मौसम ने सिलिंडर में लगे रेगुलेटर को बंद करने की कोशिश की तभी आग भड़क उठी। छोटे कमरे में बैठकर खाना बना रही क्षमा, उसकी बेटी मौसम, सीमा शुक्ला व रीना दीक्षित झुलस गई। तेज रिसाव से आग नीचे की मंजिल पर पहुंच गई। जिससे घर में भगदड़ मच गई। घर से आग की लपटें उठती देख राजेश ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इस बीच राजेश ने घर में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने नीचे के कमरे में फैली आग बुझाने के बाद सिलिंडर के रेगुलेटर को बंद कर आग पर काबू पाया। वहीं झुलसी रीना, सीमा, क्षमा व मौसम को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा। पीड़ित राजेश ने बताया कि आग से लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
अस्पताल में नहीं मिला स्ट्रेचर
आग से झुलसी महिलाओं का इमरजेंसी वार्ड में उपचार किया गया। इसके बाद उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जाना था। हालांकि पीड़ितों को स्ट्रेचर नहीं मिल सका। इस पर परिजनों ने कार की मदद से आग से झुलसी महिलाओं को इमरजेंसी वार्ड से जनरल वार्ड में शिफ्ट किया।
जानकार की सलाह
इंडेन गैस एजेंसी के मैनेजर मूलचंद्र ने बताया कि रसोई गैस चूल्हे की रबर पाइप को हर साल बदलना जरूरी होता है। रबर खराब दिखे या न दिखे उसे जरूर बदल देना चाहिए। बताया कि रबर चटक जाती है जो ध्यान से देखने पर ही नजर आती है। सिलिंडर भी छिपी हुई स्थिति में न रखें। इससे चूहों से रबर को नुकसान पहुुंचने का खतरा बढ़ जाता है। सिलिंडर बदलने पर अगर रेगुलेटर के पास से गैस रिसती है तो उसे जलाएं नहीं और तुरंत गैस एजेंसी को फोन करें। अगर रसोई में गैस भर गई हो तो बिजली के स्विच को ऑन ऑफ न करें। 101 नंबर पर फायर स्टेशन या 100 नंबर डायल कर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें।
फिर खली हाइड्रोलिक सीढ़ी की कमी
शहर के आवास विकास स्थित जिस घर में आग लगी थी वह तीन मंजिल का था। आग दूसरी मंजिल पर बने एक छोटे कमरे में भड़की थी। जहां तक पहुंचने के लिए फायर ब्रिगेड कर्मियों को सीढ़ी की जरूरत थी। सीढ़ी के अभाव में उन्हें जीने में भरे धुएं से होकर ऊपरी मंजिल तक पहुंचना पड़ा। इस दौरान आग पर काबू पाया गया। अग्निशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद ने बताया कि शासन को हाइड्रोलिक व स्टेप सीढ़ी की जरूरत से अवगत कराया जा चुका है।