कलश यात्रा निकालतीं महिलाएं। संवाद
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अचलगंज। पचोड्डा स्थित बालाजी मंदिर का सात दिवसीय वार्षिकोत्सव कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। यात्रा के बाद रामकथा सुनाई गई।
कलश यात्रा गाजे बाजे के साथ बालाजी मंदिर से शुरू हुई। इसमें शामिल महिलाओं एवं पुरुषों ने सिर पर कलश रखकर केशवानंद आश्रम पहुंचकर जल भरा। यात्रा के बाद मथुरा से आईं कथावाचिका शिवानी कृष्ण शुक्ला ने व्यास गद्दी का पूजन किया। इसके बाद कथा की शुरुआत में राम के चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राम की कथा लोगों को आदर्श की सीख देती है। आज समाज में तरह तरह की विकृतियां पैदा हो रही हैं। लोग अपने-परायों को भूलकर आर्थिक धनार्जन को होड़ में लगे हैं। धार्मिक क्रिया के तहत कर्म और ग्रंथों को छोड़कर मोबाइल व इंटरनेट में व्यस्त हैं। इसी कारण प्रकृति भी कोरोना जैसी महामारियों से अपना रूप दिखा रही हैं। ऐसे समय में ईश्वर ही जीवन का एकमात्र सहारा बचा है।
देश और समाज के सामने संघर्ष के दिन है। इनसे विचलित होने के बजाय भजन-कीर्तन की जरूरत है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम मानव जीवन में आकर कई तरह के संघर्षों का जीवन पर्यंत सामना करते रहे लेकिन उन्होंने सत्य और नेकी का रास्ता नहीं छोड़ा। अयोध्या से आए आचार्य हरीशंकर मिश्र ने भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक व राम रक्षा कवच का पाठ पूर्ण कर समाज के उज्जवल भविष्य की कामना की। सोनू तिवारी, सौरभ मिश्रा, सचिन सविता, पुत्तन तिवारी, दिव्या शुक्ला, राजकुमार वर्मा, अनिल वर्मा व राहुल शुक्ला मौजूद रहे।