सफीपुर। खादिम शाह सफी के 160वें सालाना उर्स के दूसरे दिन रविवार को मजार पर पढ़े गए कुल में हजारों अकीदतमंदों ने शिरकत की। इस मौके पर सज्जादानशीं लाएक नाजिम ने कहा कि जरूरतमंद की मदद ही जन्नत का रास्ता दिखाती है।
चार दिवसीय उर्स के मौके पर निकाला गया चादर जुलूस कस्बे के मोहल्ला पीरजादगान, मीरबाजार, किला बाजार होते हुए मजार पहुंचा। इसमें काफी संख्या में लोग शामिल हुए। सुबह मजार पर पाक किताब की तिलावत की गई। सुबह 7.30 बजे मजार के समाखाने में पहला कुल पढ़ा गया। इसके बाद महफिल में कव्वालों ने कलाम पेश किए। शाम चार बजे पढ़े गए दूसरे कुल के बाद सज्जादानशीं लाएक नाजिम ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खुद के लिए सब कुछ कर पाना मात्र सफलता नहीं है। जरूरतमंदों की मदद करना ही सही मायने में सफलता है। यहां पर शाहिद नाजिम, पप्पू, शीलू आदि माैजूद रहे।