चचेरे भाई के साथ मुंबई से घर लौट रहे युवक की ट्रेन में सफर के दौरान मौत हो गई। उरई रेलवे स्टेशन के पास युवक बर्थ से नीचे गिरा था, लेकिन ट्रेन में मारपीट से युवक की मौत होने की अफवाह हड़कंप मच गया। ट्रेन उन्नाव स्टेशन पहुंची तो जीआरपी ने युवक को उतारा और रेलवे अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बीघापुर के गांव मगरायर निवासी नरेंद्र (29) पुत्र रामसजीवन चचेरे भाई कमलेश के साथ मुंबई में प्लाई बोर्ड फैक्ट्री में काम करता था। रविवार रात दोनों पुष्पक एक्सप्रेस से उन्नाव आ रहे थे। दोनों जरनल बोगी में सफर कर रहे थे। रास्ते में बर्थ खाली मिलने पर नरेंद्र और कमलेश लेट गए। उरई रेलवे स्टेशन से गाड़ी आगे बढ़ी थी तभी मिडिल बर्थ पर सो रहा नरेंद्र नीचे गिर गया। उसकी हालत गंभीर हो गई।
साथ रहे चचेरे भाई कमलेश को उलझन और गर्मी लगने की बात बताई। चचेरे भाई ने उसे पानी पिलाया और बर्थ पर लिटा दिया। करीब डेढ़ घंटे बाद ट्रेन कानपुर स्टेशन पहुंची तो कमलेश ने रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी, लेकिन तब तक ट्रेन उन्नाव के लिए चल चुकी थी। सोमवार तड़के ट्रेन उन्नाव स्टेशन पहुंची तो एसओ सीपी सिंह ने नरेंद्र को ट्रेन उतरवाया और आनन-फानन रेलवे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर ने नरेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नरेंद्र के मामा रमेशचंद्र ने बताया कि नरेंद्र छह भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। वह अभी अविवाहित था। जीआरपी एसओ सीपी सिंह ने बताया कि नरेंद्र को कुछ हल्की चोटें हैं जो शायद बर्थ से गिरने के कारण आई होंगी। बताया कि पोस्टमार्टम में स्थिति और साफ हो जाएगी। परिजनों में किसी तरह का कोई आरोप नहीं है।