लकड़ी कटाने गए मजदूर का शनिवार तड़के खून से लथपथ शव मिला। ठेकेदार ने मृतक के परिजनों को ट्रैक्टर से कुचलने से मौत होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने मजदूर के सिर पर गहरे घाव व शरीर पर चोटें के निशान देख हत्या का आरोप लगाए और जमकर हंगामा किया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना थाना क्षेत्र के झगरपुर गांव की है।
मूलरूप से बारासगवर थाना क्षेत्र के चतुरखेड़ा गांव निवासी ओमप्रकाश (32) बचपन से ही अपने ननिहाल झगरपुर गांव में रह रहा था। वह अपने नाना तिलल्ली के नाम आवंटित आवासीय कालोनी में पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। ओमप्रकाश लकड़ी काटने का काम करता था। शुक्रवार रात वह घर से करीब 500 मीटर दूर नीम व सागौन के पेड़ काटने जाने की बात कह कर घर से निकला। सुबह उसकी पत्नी को ठेकेदार मुजीद ने ट्रैक्टर से कुचल जाने से मौत होने की जानकारी दी। ओमप्रकाश के साले मन्नूलाल ने आरोप लगाया कि ठेकेदार की ओर से तीन रुपये में मामला निबटाने की बात कही गई। जब वह मौके पर गया और अन्य मजदूरों से पूछताछ की तो पता चला कि रात में ठेकेदार और ओमप्रकाश के बीच विवाद हो गया था। ठेकेदार ने डंडों से पीटने के बाद धारदार हथियार से ओमप्रकाश के सिर पर वार कर मार डाला। इस दौरान परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बारासगवर एसओ रणजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि मामला दुर्घटना से जुड़ा लग रहा है। जबकि सीओ आरके चतुर्वेदी ने कहा कि दोनों पहलुओं पर जांच चल रही है। जांच के बाद ही सच सामने आएगा।