पुलिस ने अपहृत बालक वीकेश को बरामद कर लिया है। दो बदमाशों को भी दबोचा गया है, जबकि दो बदमाश पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे। एसएसपी सुनील सक्सेना ने अगवा बालक को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। गिरफ्तार बदमाशों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने पांच लाख रुपये की फिरौती के लिए वीकेश का अपहरण किया था। अपहृताओं ने वीकेश को कुढ़ेली गांव में एक ईख में रखा था।
अलापुर थाने के गांव बरारा से बृहस्पतिवार को दर्वेश के नौ वर्षीय बेटे वीकेश यादव का अपहरण कर लिया गया था। मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस बालक को बरामद करने में जुट गई। एसएसपी सुनील सक्सेना और एसपी सिटी अनिल यादव खुद पूरे मामले पर नजर बनाए हुए थे। सुरागरसी में लगी पुलिस को पता लगा कि थाना क्षेत्र के गांव कुढ़ेली में परशुराम की ईख में कुछ संदिग्ध लोगों को देखा गया है। एसओ एपी सिंह ने एसआई अमित चौधरी, रामाधार सिंह, कांस्टेबल उमेश, कुलदीप कुमार और कमलेश कुमार के साथ छापामारी की। दावा है कि यहां अपहृताओं ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बदमाशों को घेर लिया। ईख के अंदर से वीकेश को सकुशल बरामद करने के साथ जसवीर निवासी ग्राम ग्योति धर्मपुर थाना अलापुर, रधुवीर यादव निवासी जल्लापुर थाना जैतीपुर जिला शाहजहांपुर को गिरफ्तार कर लिया। अभिलाख निवासी कमलपुर थाना सहसवान और गजेंद्र निवासी सलेमपुर थाना कटरा, शाहजहांपुर भाग निकले। गिरफ्तार अपहृताओं के पास से पुलिस ने दो तमंचे और सात कारतूस बरामद किए हैं। अपहृताओं ने स्वीकार किया है कि उन्होंने पांच लाख रुपये फिरौती के लिए वीकेश को अगवा किया था। एसएसपी सुनील सक्सेना ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
दुर्वेश का ममेरा भाई मुख्य अपहृर्ता रघुवीर
बदायूं। मुख्य अपहृता रघुवीर ही वीकेश को कोल्ड ड्रिंक पिलाने के बहाने वीकेश को बुलाकर ले गया था। बाद में उसने फोन करके जसवीर, अभिलाख और गजेंद्र को भी बुला लिया। यह दो दो बाइक से बालक को लेकर कुढ़ेली पहुंचे। वहां हाथ-पांच बांधकर वीकेश को ईख में छिपा दिया। मुख्य अपहृता वीकेश के पिता दुर्वेश का सगा ममेरा भाई है।
दुर्वेश की माली हालत काफी अच्छी है। दुर्वेश पांच भाई हैं। इनमें तीन की शादी हो चुकी है। तीनों भाइयों के पास बेटों के नाम पर सिर्फ वीकेश है। रघुवीर को दुर्वेश के बारे में सभी जानकारियां थीं। अपहरण में शामिल अभिलाख भी रघुवीर का बहनोई है और अपहृर्ता गजेंद्र वारदात में शामिन जसवीर का साला है। इस तरह से चारों अपहृर्ता आपस में रिश्तेदार हैं। एसएसपी सुनील सक्सेना ने बताया कि मौके से भागे दो अपहृर्ताओं को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस टीम ने अच्छा काम किया है। दो दिन के भीतर अपहृत बालक को सकुशल बरामद किया गया है। पूछताछ में पता लगा है कि अपहृर्ताओं ने पांच लाख रुपये की फिरौती के लिए वीकेश को अगवा किया था।
-सुनील सक्सेना, एसएसपी