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शव जबरन उठाने पर ग्रामीणों ने किया हंगामा

Mon, 18 Jul 2016 12:26 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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अपराध - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आसीवन के नंगाखेड़ा चाराहे पर रविवार सुबह करीब 11 बजे डबल मर्डर की वारदात से ऐसी दहशत फैली कि व्यापारी दुकानें बंद करके भाग निकले। शमीम और आम दुकानदार विमलेश के  हत्यारे घटना को अंजाम देने के बाद गाड़ी से उतरे और दहशत फैलाने के लिए बीच चौराहे पर असलहे लहराते रहे। क्षेत्रीय लोगोें का कहना है कि थाने से घटना स्थल तक करीब पांच किमी सफर तय करने में पुलिस को पौन घंटा लग गया। मौके पर पहुंची पुलिस लहूलुहान विमलेश को सीएचसी ले गई। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस की लापरवाही और शव को आनन-फानन पोस्टमार्टम हाउस भेजने से परिजनों का पारा चढ़ गया। आक्रोशित परिजनों की इस बात को लेकर पुलिस से कहासुनी भी हुई।
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घटना के करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचीं सीओ वंदना सिंह को भी परिजनों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। उन्होंने लोगों को सड़क से हटने के लिए कई बार समझाने का प्रयास किया पर परिजनों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा था। उनका कहना था कि बीच चौराहे पर भरी भीड़ के सामने शमीम और विमलेश को गोली से भून दिया गया और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। पांच किमी. की दूरी तय करने में पुलिस को पौन घंटे का समय लग गया। पुलिस सही समय पर पहुंच जाती तो आरोपी भाग न पाते। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का बार-बार आश्वासन देने के बाद लोग सड़क से हटे और जाम खुला। एहतियात के तौर पर पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया है। पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस तैनात रही। सीओ सिटी रामअर्ज के साथ कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय, गंगाघाट एसओ भूपेंद्र राठी, अचलगंज एसओ देवेंद्र यादव के साथ भारी पुलिस फोर्स मुस्तैद रही।


हमलावरों के गांव से होकर निकला था शमीम
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद शमीम के परिवारीजनों ने बताया कि शमीम ने रविवार सुबह हल लेकर निकाला। हल के नीचे का कुछ हिस्सा टूटा होने से वह उसे बनवाने के लिए नंगाखेड़ा चौराहा पर पुतान लोहार की दुकान जा रहा था। परिजनों की माने तो शमीम हमलवार शिवप्रकाश के गांव से होकर गुजरा था। उनका अंदेशा है हमलावरों ने शमीम को साइकिल से चौराहे की ओर जाता देख लिया। जिस पर उसकी हत्या की साजिश बनी और लाइसेंसी असलहों से लैस होकर हमलावर पहुंच गए और वारदात को अंजाम दे दिया।
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रंगबाजी में कर डाली हत्या
मृतक शमीम के चचेरे भाई रौनक की माने तो रंगबाजी और अपनी दबंगई कायम रखने के लिए हमलावरों ने भीड़ भरे चौराहे पर दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे दिया। उसका कहना है कि हमलावर शिवप्रकाश अपने सहयोगियों के साथ आए दिन लोगों को धमकाता बै। उसका आरोप है कि हमलावर थाने में खुलेआम बैठकर पुलिस से साठगांठ का रौब जता लोगों से उगाही भी करता बै। एसओ राम लखन पटेल ने बताया कि आरोपों को नकारते हुए शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही है।


‘बहनोई ने क्या बिगाड़ा था जो मार डाला’
शमीम की हत्या के इरादे से पहुंचे हमलावरों की लाइसेंसी रायफल ने निर्दोष आम व्यापारी विमलेश की जान ले ली। विमलेश खेती-किसानी कर परिवार की जीविका चलाता था। रविवार को वह बाग से आम तोड़कर बेचने नंगाखेड़ा चौराहा पहुंचा था। वारदात के बाद उसकी पत्नी मालती अपनी मासूम बेटी मोहिनी, रोहिणी व बेटे छोटू को कलेजे से लगा चीख पड़ी। पति की मौत से उसके  जीवन में दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। उधर सूचना पाकर मृतक का साला पुतान पुलिस से हाथ जोड़कर शव दिखाने की गुहार लगा रहा था। वह रो-रोकर बार-बार यही कह रहा था कि मेरे बहनोई ने किसी का क्या बिगाड़ा था जो उसे मार डाला।

 
चार माह पहले शमीम गया था गांव
शमीम अक्सर शहर के मोहल्ला एबीनगर में निवासी नाना सुभानी के घर रहता था। सुभानी के बेटा न होने से वह शमीम को ही अपने पास रखे था। शमीम के शव देख बिलख रहे नाना सुभानी ने बताया कि चार माह पहले शमीम अपने गांव गया था। उसने बुधवार को घर लौटने की बात भी कही थी। घर लौटने से पहले वह हम सभी को हमेशा-हमेशा के  लिए छोड़कर चला गया। शमीम की मां लल्ली का रो-रोकर बुरा हाल है। वह तीन भाई शमीम, नसीम व जीशान में सबसे बड़ा था। उसकी मौत से परिवार में मातम पसरा रहा।
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