उन्नाव। कानपुर-लखनऊ रोड़ पर तीन अलग-अलग हादसों में पूर्व प्रधान व फारेस्टर समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार को गंभीर हालत में कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूर्व प्रधान की मौत की खबर मिलते ही उनके घर पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
अजगैन थानाक्षेत्र के मकूर गांव निवासी नेत्रपाल (40) पुत्र स्व. बृजभूषण सोमवार शाम को अपने एक मित्र को बरुआ गांव छोड़ने कार से गए थे। वहां से रात करीब साढ़े दस बजे लौटते समय वह अजगैन थाने के पास मुड़ रहे थे तभी लखनऊ की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार डीसीएम ने उनकी कार में टक्कर मार दी।
हादसे के बाद चालक डीसीएम मौके पर छोड़कर भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने पूर्व प्रधान को गंभीर हालत में कार से बाहर निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधान नेत्रपाल के पिता स्व. बृजभूषण 1977 में पुरवा विधानसभा से विधायक भी रह चुके हैं।
दूसरी घटना नवाबगंज ब्लाक के सामने हुई। अजगैन के सिकंदरपुर एकधरा निवासी सेवालाल (42), बाबूलाल (36) व धर्मेंद्र द्विवेदी (34) एक ही बाइक से सदर कोतवाली क्षेत्र के दोस्तीनगर एक तिलक समारोह में शामिल होने के लिए आए थे।
यहां से रात करीब ग्यारह बजे घर लौटते समय उनकी बाइक एक साइकिल सवार से टकरा गई। हादसे में सभी घायल हो गए। एनएचएआई की एंबुलेंस से सभी को जिला अस्पताल लाया गया। जहां सेवालाल की हालत गंभीर देख उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया, जबकि बाकी तीन को कानपुर हैलट रेफर किया गया। ट्रामा सेंटर में सेवालाल की देर रात मौत हो गई।
तीसरी घटना मंगलवार सुबह हुई। बिहार थानाक्षेत्र के भगवंतनगर निवासी अवधेश कुमार मिश्र (55) नवाबगंज वन विभाग में फारेस्टर पद पर तैनात थे। सुबह करीब सात बजे वह चाय पीने के बाद सड़क पार कर कार्यालय की ओर आ रहे थे। तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर भिजवाया गया। जहां उनकी मौत हो गई।